झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने जमशेदपुर का दौरा कर शहर की विधि-व्यवस्था की हकीकत को परखा। डीजीपी ने शहर के विभिन्न प्रमुख और संवेदनशील रूटों पर भौतिक निरीक्षण किया और मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आम लोगों की आवाजाही, ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस गश्ती की स्थिति का भी जायजा लिया। डीजीपी के दौरे को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहते हुए अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। अपहरण स्थल पर पहुंचकर ली जानकारी डीजीपी तदाशा मिश्रा ने 14 दिनों से लापता व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के अपहरण स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से अब तक की जांच की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर उपयोग, संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और जांच को तेज गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद डीजीपी एसएसपी आवास पहुंचीं, जहां वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ बंद कमरे में लंबी बैठक की गई। संगठित अपराध और नशे पर सख्ती के निर्देश बैठक के दौरान कैरव गांधी अपहरण कांड की जांच, तकनीकी साक्ष्य, संदिग्धों की भूमिका और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडे ने डीजीपी के दौरे को औपचारिक बताया। उन्होंने कहा कि डीजीपी ने संगठित अपराध और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शहर को अपराध और नशा मुक्त बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया है। एसएसपी पांडे ने बताया कि अपहरण मामले में भी डीजीपी द्वारा जरूरी सुझाव दिए गए हैं, लेकिन जांच जारी होने के कारण विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में ठोस नतीजे सामने आएंगे।


