24 लाख किसान व 14 लाख एमएसएमई ले सकेंगे ज्यादा लोन, 150 मेडिकल सीटें बढ़ेंगी

केंद्रीय बजट 2025-26 को लेकर पंजाब के उद्यमी जहां खुश हैं, वहीं किसान वर्ग और सूबे की आप सरकार व अन्य राजनीतिक दलों ने घोर निराशा जताई है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री इसलिए खुश है क्योंकि चाइना से आने वाले कपड़े से घरेलू बाजार को बचाने के लिए 20 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ प्लान लागू करने का एलान किया गया है। प्रदेश की एमएसएमई के विकास के लिए क्रेडिट लिमिट 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किए जाने से करीब 14 लाख उद्यमियों को फायदा मिलेगा। हालांकि छोटे उद्योगों और कॉर्पोरेट जगत के बीच असमानता खत्म करने को लेकर आयकर स्लैब में बदलाव नहीं होने से निराशा भी है। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सीटें बढ़ाने के फैसले से पंजाब के मेडिकल कॉलेज में 150 सीटें बढ़ सकती हैं। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से 5 लाख करने से सूबे के 24 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ होगा। एमएसपी जैसी मुख्य मांगों समेत कृषि क्षेत्र के सुधारों में पंजाब की भौगोलिक स्थिति पर ध्यान नहीं दिए जाने से किसान वर्ग में भी भारी निराशा भी है। राज्य को विशेष पैकेज नहीं मिला है वहीं बिजली के क्षेत्र में क्रेडिट लिमिट बढ़ाकर 23 सौ करोड़ रुपए किए जाने से सूबा सरकार को बड़ी राहत मिलेगी। बजट में सूबे की उपेक्षा किए जाने पर सीएम भगवंत सिंह मान, वित्तमंत्री हरपाल चीमा, कांग्रेस और अकाली दल ने भी केंद्र को कोसा। किसान नेता बोले: एमएसपी, कर्ज माफी पर कुछ नहीं दिया एसकेएम नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, पहले से कर्ज में फंसे किसानों के लिए लोन ​सीमा बढ़ाकर उसे ओर मारने की तैयारी की जा रही है। एमएसपी कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, रोजगार देने के मुद्दे पर कोई ब्यान नहीं दिया गया है। सरवन सिंह पंधेर ने कहा, यह बजट बिहार, दिल्ली चुनाव को देख बनाया गया है। बाजवा बोले… भाजपा बजट से चुनावी एजेंडा बढ़ा रही केंद्रीय बजट में किसानों की ऋण माफी या आय बढ़ाने की कोई योजना की घोषणा नहीं की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार गायब है। कई बदलावों की आवश्यकता है, परंतु इस बजट में इसे नजरअंदाज कर दिया गया है। बजट बिहार को देखकर बनाया है। भाजपा बजट के माध्यम से चुनावी एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। पंजाब के किसानों, नौजवानों को कुछ भी नहीं दिया: मान बजट में पंजाब को ऐसा कुछ नहीं दिया गया, जो भविष्य को सुधारे। न तो किसानों को एमएसपी दी गई, न ही राज्य को किसी इंडस्ट्री के लिए पैकेज दिया गया। यह बजट केवल चुनावी बजट है, जिसमें केवल बिहार राज्य के लिए ही घोषणा हैं। एक बार फिर केंद्र ने पंजाब व पंजाबियों से सौतेला व्यवहार किया है। पंजाब के सीमावर्ती जिलों को पैकेज मिलता तो विकास कार्य तेज होते डॉ आरएस घुम्मणआर्थिक विशेषज्ञ बजट का पंजाब पर असर }टैक्सटाइल इंडस्ट्री, आयकरदाताओं को भी राहत {रीजनल कनेक्टिविटी के लिए उड़ान योजना के तहत 120 नए शहर जुड़ेंगे। इनमें पंजाब के कुछ शहर जुड़ सकते हैं। {अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, अहमदाबाद, भोपाल, इंदौर जैसे टियर-2 शहरों मंे वैश्विक कंपनियां आ सकेंगी। इसके लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। {सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का बजट बढ़ाया, इससे पंजाब में रुके प्रोजेक्टों में भी तेजी आएगी। जब तक दाल व तेल बीज पर प्रभावशाली ढंग से एमएसपी लागू नही होती, धान के रकबे को कम करने के लिए फसली विभिन्नता की नीति को ठोस ढंग से लागू करने के लिए विशेष पैकेज नही मिलता, तब तक इसके अच्छे परिणाम निकलने की संभावना भी नजर नही आएगी। एक बार फिर पंजाब के साथ रूखा व्यवहार किया गया है। पंजाब को बॉर्डर स्टेट होने के चलते स्पेशल पैकेज का हमेशा ही इंतजार रहता है। इस बार बॉर्डर एरिया के किसी न किसी जिले के लिए टैक्स फ्री जोन का ऐलान किया जाना तय माना जा रहा था। इस संबंध में केंद्रीय मंत्रालय ने कई बार संकेत भी दिए थे। पर ऐसा नहीं हुआ। सीमावर्ती जिलों को पैकेज मिलता तो विकास कार्य तेज होते। यूथ, किसान के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। हालांकि एमएसएमई के विकास के लिए 10 करोड़ की क्रेडिट लिमिट कर दी है, जो पहले 5 करोड़ थी। इससे मदद मिलेगी। आयकर स्लैब को युक्तिसंगत नहीं बनाया गया है। निजी लिमिटेड और सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों पर आयकर की दर 25% है, जबकि भागीदारी फर्मों और प्रोप्राइटर शिपफर्मों पर यह दर 30% है। यह छोटे उद्योगों और कॉर्पोरेट जगत के बीच असमानता उत्पन्न करती है।- केके सेठ, डायरेक्टर, नीलम साइकिल चीन के कपड़े में इम्पोर्ट ड्यूटी में 20% बढ़ोतरी की है। इससे पंजाब की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को फायदा होगा। रोजगार बढ़ेगा। गर्मियों के सीजन में भी तेजी आने की संभावना है।- संदीप जैन, डायरेक्टर, मोंटी कार्लो सरकार ने 7 टैरिफ रेट हटाए हैं। इसके बाद 8 टैरिफ रेट ही रह जाएंगे। सोशल वेलफेयर सरचार्ज हटाने का प्रस्ताव है। टीडीएस सीमा बढ़ाकर 10 लाख करने, 12 लाख रुपए तक आय पर कोई टैक्स नहीं लगाने के फैसले बहुत अच्छे हैं।- कोमल जैन, डायरेक्टर डूयक फैशन

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