श्री महामाया देवी मंदिर में गुप्त नवरात्रि के अवसर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक वागीश महाराज ने कहा कि जो सबका पालन करता है, वही पति कहलाता है। उन्होंने कहा कि कलयुग में श्रीकृष्ण ही सभी का पालन कर रहे हैं, इसलिए वही सबके पति हैं। उन्होंने बताया कि अगर जीवन में भक्ति नहीं होगी तो घर में अशांति बढ़ेगी। वागीश महाराज ने कहा कि घर की रसोई को मंदिर मानना चाहिए। वहां बनने वाला भोजन अगर भगवान को भोग लगाकर बनाया जाए तो वह प्रसाद बन जाता है। जैसा भोजन होता है, वैसा ही मन बनता है। बिना भोग का भोजन नहीं करना चाहिए। भोजन में तुलसी डालने से वह पवित्र हो जाता है। सनातन धर्म में गाय का विशेष महत्व कथा में राधा-कृष्ण, पूतना और महामाया से जुड़े प्रसंग सुनाए गए। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण का स्वभाव ऐसा है कि जो उन्हें नुकसान पहुंचाने आता है, उसे भी मुक्ति दे देते हैं। पूतना के शरीर से मृत्यु के बाद भी सुगंध आना इसी का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गौ माता में सभी देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए सनातन धर्म में गाय का विशेष महत्व है। कथा के छठवें दिन श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का सुंदर प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। महामाया मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष व्यास नारायण तिवारी ने बताया कि 25 जनवरी को मंदिर में विशेष आयोजन होगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।


