जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का इलाके में शनिवार सुबह पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई। इसमें 8 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। बताया जाता है कि गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का इलाके में डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 202 व सीआरपीएफ की 222वीं बटालियन की संयुक्त पार्टी एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकली थी। इसी बीच उनका सामना नक्सलियों से हुआ और नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में 8 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। मुठभेड़ की पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने की है। हालांकि नक्सलियों कितने नक्सली मारे गए हैं, इसकी पुष्टि नहीं की गई है। बताया गया कि जवानों की कार्रवाई देख जंगलों की आड़ लेकर नक्सली मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गए, वहीं मौके पर सर्चिंग के दौरान नक्सलियों के शव व कई ऑटोमेटिक हथियार भी जवानों ने मौके से बरामद किए हैं। ऑटोमेटिक हथियारों को देखकर माना जा रहा है कि मारे गए नक्सली बड़े कैडर के लीडर हो सकते हैं। जवानों की पार्टी अब तक वापस नहीं लौट पाई है, ऐसे में न तो मृत नक्सलियों की शिनाख्त हो पाई है। अफसरों के अनुसार फोर्स लौटेगी तभी वस्तुस्थिति की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि 20-21 जनवरी को गरियाबंद जिले के जंगल में भी मुठभेड़ हुई थी। करीब 80 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में 16 नक्सली मारे गए। इनमें से 12 नक्सलियों पर कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मारे गए नक्सलियों में नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का मेंबर चलपति भी है।


