जयपुर पुलिस ने एक फेक कॉल सेंटर का रविवार को पर्दाफाश कर छह युवकों को अरेस्ट किया है। ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर क्रिमिनल्स लोगों से करोड़ों रुपए का फ्रॉड कर चुके है। दुबई से जुड़ी लेजर आईडी से सट्टा गेम चल रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग से जुड़ा सामान जब्त किया है। स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया-रामनगरिया इलाके में स्थित एक फ्लैट में फेक कॉल सेंटर चल रहा था। कॉल सेंटर के जरिए ऑनलाइन गेमिंग साइट संचालित कर साइबर फ्रॉड कर रहे थे। गेमिंग प्लेटफॉर्म लेजर आईडी से संचालित कर रखा था, जिसकी लाइन दुबई से जुड़ी हुई थी। मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर कॉल सेंटर पर दबिश दी। कॉल सेंटर से रेड कर मिले छह युवकों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी अदनान अहमद निवासी नींदर रावजी का रास्ता जयपुर, अबु हमजा निवासी एक मीनार मस्जिद चांदपोल, संपत कीर निवासी चित्तौड़गढ़, हेमेंद्र सिंह राणावत निवासी शाहपुरा भीलवाड़ा, उत्तम राम निवासी लतासर बाड़मेर और उमेश मल्होत्रा निवासी धमतलपुरा दतिया मध्य प्रदेश है। जिनके कब्जे से पुलिस ने 42 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 31 चेकबुक व पासबुक, 17 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप/डेस्कटॉप, 7 सिम कार्ड, 5 सील और एक स्कूटी और एक कार जब्त की है। 9 घंटे चलता था कॉल सेंटर
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कस्टमर को ऑनलाइन गेम और सट्टा खेलने का लालच देते थे। गेम आईडी एक्टिवेट के 300 रुपए लेते थे, छोटी रकम होने के कारण पुलिस में शिकायत न करें। जिसके बाद गेमिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाता था। विश्वास दिलाने के लिए कुछ रिफंड भी दिया जाता था। बड़ी रकम निवेश करने के बाद कॉन्टैक्ट बंद कर देते थे। रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक कॉल सेंटर चलाते थे। प्रतिदिन करीब 4 से 5 लाख रुपए की ठगी करते थे। पिछले छह महीने से एक लाख रुपए मासिक किराए के फ्लैट में यह कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तम राम कॉल सेंटर का पार्टनर है, जो रविवार को कॉल सेंटर संभालने के लिए बाड़मेर से जयपुर आया था। अन्य आरोपियों को ठगी से प्राप्त रकम का 2 से 5 प्रतिशत प्रतिदिन कमीशन मिलता था। ये बैंक खाते 10 से 50 हजार रुपए में खरीदे जाते थे और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए गए थे।


