आरएएस प्री एग्जाम बाड़मेर जिले के 33 एग्जाम सेंटरों पर हो रहे है। इसमें 10621 परीक्षार्थी शामिल हो रहे है। हर सेंटर पर कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच और चैकिंग के बाद एंट्री दी गई। परीक्षार्थियां ने आखिरी समय में भागकर सेंटर में प्रवेश किया। 11 बजे के बाद सेंटर में एंट्री नहीं दी गई। दिव्यांगों मे भी एग्जाम को लेकर उत्साह नजर आया। सेंटर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों को बनाया गया है। दरअसल, प्रदेश भर में आरएएस प्री एग्जाम 12 बजे से शुरू हुए। इससे पहले 11 बजे तक परीक्षार्थियों को एंट्री दी गई। एग्जाम सेंटरों पर फ्रिस्किंग (तलाशी) फिंगर प्रिंट, फेस रिकॉग्रिशन के बाद एंट्री दी गई। सेंट पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। केंद्राधीक्षक के अलावा किसी अन्य कार्मिक के पास मोबाइल नहीं रखने संबंधित प्रतिबंध की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए। रविवार को शुरू हुई आरएएस प्री एग्जाम को लेकर कड़े बंदोबस्त किए गए है। इसमें 33 केंद्रों में 10621 परीक्षार्थी शामिल हुए। इसमें 4933 सरकारी व 5681 परीक्षार्थी निजी स्कूल सेटरों पर एग्जाम दे रहं है। एग्जाम 12 से शुरू हुआ जो तीन बजे तक चलेगा। सेटरों के बाद सुबह 10 बजे से अभ्यार्थियों की लाइनें लग गई। सेंटर गेट पर परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड सहित आईडी प्रूफ सहित डॉक्यूमेंट चैक करके एंट्री दे गई। एग्जाम सेंटरों पर महिलाओं के कान के कुंडल, मंगलसूत्र बालो की क्लिप सहित धातु की वस्तुएं बाहर रखवाकर एंट्री दी गई। 11 बजे गेट बंद कर दिए गए। उसके बाद किसी को एंट्री नहीं दी गई है। नकल रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत ने बताया- प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किए गए है। इसके अलावा उड़नदस्तों की तैनातगी, परीक्षा केन्द्रों पर समस्त परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी करवाने, समुचित यातायात व्यवस्था, लगातार लाइट सप्लाई, मेडिकल टीम की तैनातगी के बारे में संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन के लिए कलेक्ट्रेट में एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इसका संचालन 02 फरवरी को परीक्षा समाप्ति उपरांत नियंत्रण कक्ष से संबंधित समस्त कार्य पूर्ण होने तक होगा।


