भास्कर न्यूज | कोरबा अंग दान और नेत्र दान को प्रोत्साहित कर बढ़ावा देने कोरबा नगर निगम देहदान और नेत्रदान करने वाले परिवारों को सम्मानित करने वाला पहला निकाय होगा। दरअसल, इसका प्रस्ताव शुक्रवार को नगर निगम की सामान्य सभा के बैठक में लाया गया था, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया। प्रदेश में अब तक किसी भी निकाय में इसके लिए पहल नहीं की गई है। ऐसे परिवार को सम्मानित करने का सुझाव कोरबा में देह दान और नेत्र दान का प्रकल्प लेकर जागरूकता अभियान चला रही भारत विकास परिषद् की ओर से प्रकल्प प्रभारी महेश गुप्ता और संस्था के इकाई अध्यक्ष कमलेश यादव ने शासन-प्रशासन को दिया था। देह दान को बढ़ावा देने प्रोत्साहन के लिए दिए गए सुझाव पर सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इससे पहले पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ शासन से कोरबा समेत 6 जिलों में अंगदाता के परिवारजनों को सम्मानित करने का आदेश जारी हुआ था। इसके बाद मृत्योपरांत अंग दान करने वाले लोगों के परिवार को सम्मानित किया गया था। इस बार गणतंत्र दिवस पर शहर में आयोजित मुख्य समारोह में 2 नेत्रदानी परिवार को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें कोरबा मेडिकल कॉलेज की टीम को प्रथम नेत्रदान करने वाले जांजगीर-चांपा जिले के पीला दाऊ सतनामी की पत्नी माया बाई व कोरबा से पहला नेत्रदान करने वाले नेत्रदानी शिवाजी नगर निवासी डॉ. एमएन उपाध्याय की पत्नी हंसा उपाध्याय का नाम चयनित किया गया है। जिले में मेडिकल कॉलेज आने के बाद देहदान और नेत्रदान के लिए अब दूसरे शहरों के मेडिकल कॉलेज नहीं जाना पड़ रहा है। साथ ही भारत विकास परिषद द्वारा इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि अब देवड़ा नेत्रदान का संकल्प लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ ही अपनों के निधन के बाद लोग देहदान और नेत्रदान के लिए आगे आने लगे हैं। अब तक मेडिकल कॉलेज कोरबा के लिए 10 से अधिक देहदान प्राप्त हो चुके हैं।


