सेड़वा सीएचसी निरीक्षण के दौरान एसडीएम और डॉक्टर का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई सीएचसी में कार्यरत डॉक्टर रामस्वरूप को फटकार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। इसमें एक सीरियस मरीज भर्ती हैं, उसे देखने के लिए एसडीएम बार-बार डॉक्टर को फटकार लगा रहे हैं। शनिवार को एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई सीएचसी सेड़वा का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान डॉ. रामस्वरूप रावत ड्यूटी पर ओपीडी चैक कर रहे थे। इस दौरान एसडीएम विश्नोई ने डॉक्टर को फटकार लगाते हुए कहा कि जल्दी उठ और मरीज को देख। डॉक्टर एसडीएम से कह रहे हैं कि मैंने मरीज की जांच कर ली है और उसे भर्ती कर ड्रीप लगा दी है, फिलहाल मरीज ठीक है। इस पर एसडीएम गुस्सा हो गए और कहा इधर आ, जब मैं कह रहा हूं, सुन नहीं रहा है क्या?, अभी एक मिनट में पुलिस के हवाले कर दूंगा। उस मरीज को तुरंत चैक करो। यह मेरा ऑर्डर है। यू वील चेक इट…। इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। इसके बाद सेवारत चिकित्सक संघ ने आज काली पट्टी बांधकर विरोध करने की घोषणा की है और उचित कार्रवाई नहीं होने पर कार्य बहिष्कार की भी चेतावनी दी है। डॉक्टर ने कहा कि सर मैंने मरीज की जांच करने के बाद ही उसे भर्ती किया है। एसडीएम अड़ गए और कहा कि सुन ली मैंने तुम्हारी बात, अब मेरे सामने चैक करो। इसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। तुम कैमरे की निगाह में हो। डॉक्टर ने कहा- मैं मना नहीं कर रहा हूं कि कैमरे की निगाह में हूं। एसडीएम ने डॉक्टर से पूछा- क्या नाम है आपका। पर्ची कहां है इसकी, एसडीएम ने कहा कि मुझे कुछ नहीं सुनना है, मुझे इसका इलाज चाहिए। आप यहां खड़े हो, मरीज के पास चलो। डॉक्टर बोला कि ओपीडी में 250 से अधिक मरीज हैं, मरीजों की जांच कर रहा हूं।ऐसे में एक मरीज के ऊपर खड़ा नहीं हो सकता हूं। “सेड़वा एसडीएम ने डॉक्टर साथी से अभद्र व्यवहार किया है। तूं तड़ाक से बात की और धमकाया है। अकेला डॉक्टर 250 से अधिक मरीजों की जांच कर रहा था। डॉक्टर के लिए सभी मरीज सम्मान है। धमकाना सेवा नियमों की अवहेलना है। इसके विरोध में आज दो घंटे काली पट्टी बांधकर विरोध किया जाएगा। न्याय नहीं मिला तो कार्य बहिष्कार करेंगे।” -डॉ. जोगेश कुमार, अध्यक्ष, अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ। “सीएचसी पर मैं अकेला था। ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहा था। 250 से अधिक ओपीडी रही। एक 50 साल की महिला गंभीर हालत में पहुंची। एन्जायटी केस था। इमरजेंसी में मरीज की जांच कर उसे भर्ती कर इलाज किया गया। इस दौरान एसडीएम ने आते ही मुझे धमकाया और पुलिस के हवाले करने की बात कही।” -डॉ. रामस्वरूप रावत, सीएचसी सेड़वा। “सीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया। एक्स-रे मशीन पहले खराब थी उसे ठीक कराने के बाद सत्यापन के लिए गए थे। इस दौरान एक भर्ती महिला मरीज सीरियस थी, डॉक्टर से उसका प्राथमिकता से इलाज करने के लिए कहा गया था। डॉक्टर को कोई फटकार नहीं लगाई है।” – बद्रीनारायण विश्नोई, एसडीएम सेड़वा। एसडीएम सीएचसी पर पहले से खराब एक्स-रे मशीन के ठीक होने के बाद उसका फिजीकल वेरिफिकेशन करने गए थे। इस दौरान सीएचसी परिसर की जांच में नर्सिंग ऑफिसर मोहनलाल मीना, एलटी बाबूलाल, पंकज कुमार और नेत्र सहायक ओमप्रकाश अनुपस्थित मिले। इन कार्मिकों को एसडीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किए। डॉ. रामस्वरूप रावत को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता से पेश आने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम ने नोटिस देने की बात कही। इस दौरान सीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कालूराम विश्नोई और कार्यवाहक तहसीलदार भूपेंद्र कुमार सेजू मौजूद रहे। बाड़मेर. डॉक्टर को फटकार लगाते हुए एसडीएम विश्नोई।


