बयाना कस्बे में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा सामने आया है। बयाना कस्बे के रेलवे स्टेशन के पीछे नपा के रैन बसेरा के बगल में अवैध रूप से बसी झुग्गी बस्ती में आग लग गई। एक के बाद एक आग ने तीन झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक झोंपड़ी में अलाव ताप रहा 60 साल का बीमार भारत भील जिंदा जल गया। भारत सुबह जागने के बाद अपनी झोंपड़ी में ही परात में आग जलाकर अलाव ताप रहा था। इसी दौरान उसके कंबल में आग लग गई। यह आग अचानक से भभक गई। बीमारी की हालत में होने के कारण भारत को आग से बचने का मौका तक नहीं मिला और वह आग में ही जिंदा जल गया। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में सूचना पर नगर पालिका की फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंच गई और आग पर पूरी तरह से काबू पाया। सूचना पर एसएचओ बाबूलाल गुर्जर, टाउन चौकी इंचार्ज निर्भय सिंह और नपा के स्थानीय पार्षद डॉ शैलेन्द्र गुर्जर भी मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस ने सीएचसी में मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। पिछले एक साल से बीमार था घटना में मृत भारत स्थानीय निवासी सोनू गुप्ता ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे रैन बसेरा के पास बनी झुग्गी बस्ती में रहने वाले भारत, बत्तो देवी और अशोक कुमार की झोपड़ियों में आग लग गई। आग में जिंदा जला भारत (60) पुत्र झम्मन सिंह पहले ट्रेनों और बसों में कानों से मैल निकालने का काम करता था। पिछले 1 साल से बीमार चल रहा था। आग की चपेट में आई तीनों झोपड़ियों में रखा सारा घरेलू सामान जलकर स्वाहा हो गया। सर्दी-बारिश से बचाव के लिए झोपड़ियों के ऊपर डाली गई प्लास्टिक की त्रिपालों से आग तेजी से फैली। ट्रेनों में खिलौने बेचता है परिवार मृतक भारत की पत्नी का नाम गुड्डी देवी है। उसके चार बेटे आकाश, अमर, अजय और अमित हैं। आकाश टैक्सी ड्राइवर है। जो सुबह 5 बजे ही बयाना से मथुरा टैक्सी लेकर गया था। जबकि उसकी पत्नी गुड्डी और दूसरे बेटे अमर, अजय और अमित सुबह 5:30 बजे ही काम पर निकल गए थे। बेटे और पत्नी ट्रेनों में खिलौने और बैग जैकेट में चैन लगाने का काम करते हैं। “मृतक बुजुर्ग का पोस्टमार्टम और पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक के बेटे ने मर्ग रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसकी जांच की जाएगी।”
– बाबूलाल गुर्जर एसएचओ कोतवाली थाना बयाना


