भास्कर न्यूज | कवर्धा जैन समाज की साध्वी छवि प्रज्ञा मसा के संयमी जीवन के 8 वर्ष पूर्ण होने पर जैन स्थानक भवन में अनुमोदन सभा का आयोजन किया गया। धर्मनगरी कवर्धा इस ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण का साक्षी बना। शासन प्रभाविका विदुषी महासती सुप्रतिभा म.सा. ठाणा- तीन की पावन उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कबीरधाम जिले के श्रीश्रीमाल परिवार की पुत्री छाया ने सांसारिक सुख- सुविधाओं को त्याग कर 25 जनवरी 2018 को इंदौर में आचार्य प्रवर रामलाल महाराज साहब के मुखारविंद से जैन भागवती दीक्षा ग्रहण की थी। दीक्षा के बाद उनका नामकरण महासती छवि प्रज्ञा म.सा. हुआ। आज वे संयम, तपस्या और साधना की जीवंत प्रतिमूर्ति के रूप में समाज के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। कार्यक्रम का संयोजन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के जिलाध्यक्ष दिनेश जैन ने किया। समता महिला मंडल कवर्धा द्वारा प्रस्तुत अभिनंदन गीत ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वक्ताओं ने कहा कि साध्वी छवि प्रज्ञा का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए त्याग, अनुशासन और आत्मसंयम का प्रेरणास्रोत है। उनका तपस्वी जीवन यह संदेश देता है कि आध्यात्मिक मार्ग ही जीवन को सार्थक बनाता है। प्रभावना वितरण से कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के अंत में वीर परिवार गुलाबचंद आकाश श्रीश्रीमाल की ओर से प्रभावना वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। जैन श्री संघ कवर्धा अध्यक्ष नेमीचंद श्रीश्रीमाल, वर्धमान जैन स्थानकवासी संघ मंत्री गेंदमल मोदी, महिला मंडल अध्यक्ष चंद्रकांता श्रीश्रीमाल, साधुमार्गी महिला मंडल अध्यक्ष तारा श्रीश्रीमाल, धर्मनिष्ठ श्रावक विकास नाहर सहित अनेक कवर्धा के गणमान्य नागरिकों ने साध्वी छवि प्रज्ञा के संयमी जीवन की प्रशंसा की।


