भास्कर संवाददाता | हरदा नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर रविवार को नगर में नार्मदीय ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य और अनुशासित शोभायात्रा निकाली गई। समाज ने अपनी आराध्य देवी मां नर्मदा का प्रकटोत्सव श्रद्धा, भक्ति और जन-जागरूकता के साथ मनाया। शोभायात्रा के माध्यम से नर्मदा नदी में हो रहे अवैध खनन, प्रदूषण और पर्यावरण क्षरण के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया गया तथा सरकार से नदी संरक्षण के लिए कठोर कदम उठाने की मांग की गई। शोभायात्रा का शुभारंभ नेहरू पार्क से हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई खेड़ीपुरा स्थित नर्मदीय ब्राह्मण समाज की धर्मशाला पहुंची। शोभायात्रा में समाज के महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच मां नर्मदा के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियों के माध्यम से नर्मदा नदी में दाह संस्कार पर रोक, अवैध उत्खनन बंद करने, स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को दर्शाया गया। कई झांकियों में देशभक्ति और सामाजिक चेतना का संदेश भी दिया गया। समाजजन हाथों में तख्तियां लेकर “नर्मदा बचाओ”, “अवैध खनन बंद करो” जैसे नारे लगाते नजर आए। महिलाओं ने उठाई नर्मदा संरक्षण की आवाज महिला संगठन की अध्यक्ष किरण काशिव ने कहा कि मां नर्मदा हजारों परिवारों की जीवनरेखा हैं, जो पेयजल और किसानों को सिंचाई का साधन उपलब्ध कराती हैं। अवैध खनन और प्रदूषण से नदी को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने सरकार से नर्मदा संरक्षण के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। नार्मदीय ब्राह्मण समाज के मुख्य ट्रस्टी अशोक पाराशर ने कहा कि नर्मदा नदी को बचाने के लिए सरकार को अलग से एक विशेष मिशन शुरू करना चाहिए। उन्होंने समाज के स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सामूहिक प्रयासों से नदी को सुरक्षित रखा जा सके।


