भिलाई में तेंदुए के घूमने की खबर अभी भी रहस्य बनी हुई है। अब बीएसपी प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारी भी इसे लेकर अलग-अलग बयान दे रहे हैं। एक तरफ बीएसपी के उद्यान प्रभारी डॉ. जैन ने कहा कि, तेंदुए का वीडियो दूसरी जगह का है और एक महीने पुराना है। वहीं, दुर्ग के डीएफओ ने कहा कि उनके ट्रैप कैमरे में तेंदुए की तस्वीर कैद हो गई है। दरअसल, 29 दिसंबर की देर रात एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में एक तेंदुआ रेलवे ट्रैक पर घूमता दिखा। वीडियो में दावा किया गया कि, यह वीडियो भिलाई स्टील प्लांट के अंदर बार एंड रॉड मिल यानी बीआरएम के पास का है। यह भी कहा गया कि इस वीडियो को लोको का प्वाइंट बदलते समय शंटिंग स्टाफ भुवन सिंह ने बनाई है। बीएसपी की मैत्रीबाग जू की टीम उद्यानकी प्रभारी डॉ. नवीन जैन के नेतृत्व में तेंदुए की तलाश करने लगी। वन विभाग की टीम भी दुर्ग डीएफओ चंद्रशेखर सिंह परदेशी के निर्देश पर गई। उन्होंने जगह-जगह जंगली क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए। जिससे तेंदुए का लोकेशन मिल सके। बीएसपी प्रबंधन ने वीडियो को बताया फर्जी इस घटना के तीन चार दिन बीत जाने के बाद अब बीएसपी प्रबंधन ने दावा कर रहा है कि यहां कोई तेंदुआ नहीं आया। उनका कहना है कि, जो वीडियो वायरल हुआ है वो भी पुराना और दूसरी जगह का है। डॉ. नवीन जैन का कहना है कि जगह जगह ट्रैप कैमरे लगाए गए, लेकिन कहीं भी हलचल नहीं हुई। बिल्डिंग के अंदर जो तेंदुए की तस्वीर आई है, वो 27 दिसंबर को गुवाहाटी टाइम्स ने अपने इंस्टाग्राम पेज में डाला था। डीएफओ ने तेंदुए के होने की पुष्टि की वहीं, दुर्ग डीएफओ चंद्रशेखर सिंह परदेशी का कहना है कि, उनकी टीम ने तेंदुए के होने की पुष्टि की है। उन्हें कई जगह उसके पंजे के निशान मिले हैं। वह बीएसपी के जंगली क्षेत्र में घूम रहा है। उसने एक जानवर का शिकार भी किया है। उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुआ दल्लीराजहरा से ट्रेन में आया और बीएसपी के पुरैना गेट से अंदर चला गया है। साथ ही ट्रैप कैमरे में भी तेंदुए के होने की पुष्टि हुई है।


