शहर का दायरा बढ़कर 276 वर्ग किलोमीटर हो चुका है। इस पूरे क्षेत्र में सड़कों के डिवाइडर, ग्रीन बेल्ट, पार्क और हरियाली की देखरेख की जिम्मेदारी उद्यान विभाग के महज 222 कर्मचारियों पर है।
निगम क्षेत्र में 269.15 किमी डिवाइडर और 93.57 किमी ग्रीन बेल्ट की नियमित देखभाल की जा रही है, लेकिन स्टाफ नाकाफी है। इसी के चलते निगम ने डिवाइडर और ग्रीन बेल्ट गोद देने की पॉलिसी बनाई है। अब तक 64 आवेदन मिले हैं। इनमें से 24 संस्थाओं के साथ बात हो चुकी है। इन संस्थाओं को छायादार और फूल वाले पौधे लगाना होंगे, उनकी देखभाल भी करना होगी। इसी को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में बैठक हुई। उद्यान प्रभारी राजेन्द्र राठौर और अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर आदि मौजूद थे। ये डिवाइडर संवारे जाएंगे जोनवार स्थिति ^नई नीति के तहत निजी संस्थाओं को सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव में भागीदार बनाया जा रहा है, ताकि शहर स्वच्छ, सुंदर हो सके।
– पुष्यमित्र भार्गव, महापौर


