राजसमंद में आज बसंत पंचमी पर्व के साथ ही द्वारिकाधीश मंदिर में बसंत उत्सव के आयोजन शुरू हुए। ये आयोजन आगामी 40 दिनों तक धूम-धाम से मनाए जाएंगे। वहीं आज से मंदिर में शयन के दर्शन भी शुरू हुए। बसंत पंचमी पर परम्परानुसार ठाकुरजी के द्वार पर पीले फूलों की रंगोली भी बनाई गई। बसंत पंचमी से पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा और तृतीय पीठ प्रन्यास के द्वारकाधीश मंदिर में शयन झांकी के दर्शन फिर से शुरू हुए। आज राजभोग की झांकी के बाद विशेष मनोरथ आयोजित किया गया जहां ठाकुर जी के समक्ष पीले फूलों की रंगोली बनाई गई और गुलाल धराई गई।
आज से मंदिर में बसंत उत्सव की विधिवत शुरुआत की गई। जो अगले 40 दिनों तक जारी रहेगी। 40 दिनों के दौरान राल महोत्सव, होलाष्टक, रसिया गान आयोजन होंगे। मान्यता है कि बसंत ऋतु के शुभारंभ पर लोग ठाकुर जी के दर्शनों के साथ उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। इन विशेष आयोजनों के साक्षी बनने के लिए गुजरात महाराष्ट्र और राजस्थान के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के मन में होली से पूर्व ठाकुर जी के प्रसादी गुलाल से होली खेलने का महत्व बना रहता है।


