फाजिल्का जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित गांव मोहम्मदपीरा की पंचायत ने बसंत पंचमी के अवसर पर एक सराहनीय पहल की है। पंचायत ने गांव के बच्चों को चाइना डोर के खतरनाक प्रभावों से बचाने के लिए पारंपरिक कच्चे धागे की डोर और पतंगें वितरित कीं। गांव के सरपंच कुलविंदर सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि चाइना डोर से होने वाले हादसों में न केवल बड़े लोग, बल्कि बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इसी चिंता को देखते हुए स्थानीय विधायक के सहयोग से लगभग 500 पतंगें और सुरक्षित डोर का प्रबंध किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को एक स्थान पर एकत्रित कर चाइना डोर से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें सुरक्षित तरीके से पतंग उड़ाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस पहल का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और बच्चे पारंपरिक तरीके से पतंगबाजी का आनंद लेते नजर आए। यह पहल न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रही, बल्कि त्योहार की परंपरागत खुशियों को भी बरकरार रखने में सहायक साबित हुई।


