जबलपुर में बन रही प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड परियोजना के तहत नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का फ्रेम रविवार देर रात गिर गया। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, 100 फीट ऊंचे पिलर पर मजदूर कॉन्क्रीट डाल रहे थे, जबकि पास ही एनएचएआई के इंजीनियर मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि लोहे के फ्रेम में लगा कोई नट-बोल्ट ढीला होकर फेल हुआ, जिससे यह हादसा हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद एनएचएआई ने ब्रिज निर्माण कर रही एनकेसी कंपनी, गुरुग्राम को नोटिस जारी किया है। जांच के लिए मंगलवार को दिल्ली से एनएचएआई की एक्सपर्ट टीम जबलपुर पहुंचेगी। टीम मौके पर जाकर यह जांच करेगी कि हादसा कैसे हुआ और जिम्मेदार कौन है। 100 फीट ऊंचे पिलर का फ्रेम टूटने से हादसा
रिंग रोड का काम तेजी से चल रहा है। न्यू भेड़ाघाट के पास ललपुर गांव में नर्मदा नदी पर फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 30 पिलर बनाए जा रहे हैं। रविवार रात को भी पिलर के ऊपर लोहे की फ्रेम में कॉन्क्रीट डाला जा रहा था। काम के दौरान दोनों ओर संतुलन बनाए रखना जरूरी था। एक तरफ इंजीनियर खड़े थे, जबकि दूसरी ओर 8 से 10 मजदूर मौजूद थे। अचानक एक तरफ का बैलेंस बिगड़ गया और तीन मजदूर करीब 100 फीट की ऊंचाई से लोहे के फ्रेम सहित नीचे गिर पड़े। इस हादसे में मुर्सलेम (35), निवासी पश्चिम बंगाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रसल एस (22) और राजेश्वर सिंह (21) गंभीर रूप से घायल हो गए। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देर रात करीब तीन बजे तक घटनास्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हाल भी जाना। एसडीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे, घायलों से मिले
हादसे के बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर एसडीएम पंकज मिश्रा देर रात मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि एक मजदूर की मौत हो चुकी है, जबकि दो मजदूरों का इलाज जारी है। दोनों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर आए हैं। एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और इंजीनियरों के बयान लिए जाएंगे। यदि जांच में कंपनी की लापरवाही सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट जल्द ही कलेक्टर को सौंपी जाएगी। अंधेरे में चल रहा था काम हादसे के समय घटनास्थल पर चारों ओर अंधेरा था। दो बड़ी मशीनों की मदद से लोहे की सेंटिंग में कॉन्क्रीट डालने का काम किया जा रहा था। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रोजेक्ट डायरेक्टर की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। यह भी जांच की गई कि कहीं कोई अन्य मजदूर फ्रेम में फंसा तो नहीं है। मशीनों की सहायता से कॉन्क्रीट हटाई गई। ग्रामीण बोले- बिना सुरक्षा इंतजाम के काम हो रहा
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के काम कराया जा रहा है, जिसके चलते यह हादसा हुआ। यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में नाबालिग मजदूरों से भी काम लिया जा रहा था। रविवार होने से कम मजदूर काम कर रहे थे
बताया जा रहा है कि आम दिनों में ब्रिज निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं, लेकिन रविवार होने के कारण मजदूरों की संख्या कम थी। अगर ऐसा हादसा किसी और दिन होता, तो मृतक और घायलों की संख्या और ज्यादा हो सकती थी। ब्रिज में 30 पिलर, 24 नंबर पिलर सबसे ऊंचा
नर्मदा नदी पर करीब एक किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसके लिए 30 पिलर तैयार किए जा रहे हैं। इनमें सबसे ऊंचा 24 नंबर पिलर है, जिसकी ऊंचाई करीब 150 फीट है। वहीं 22-23 नंबर के पिलर की ऊंचाई 100 फीट है। हादसा 22 नंबर पिलर पर हुआ। ये खबर भी पढ़ें… जबलपुर में निर्माणाधीन पुल के पिलर की सेंट्रिंग गिरी जबलपुर के ललपुर–न्यू भेड़ाघाट क्षेत्र में एनएचआई द्वारा निर्माणाधीन पुल पर रविवार रात बड़ा हादसा हो गया। पिलर की सेंट्रिंग असंतुलित होकर गिरने से वहां काम कर रहे मजदूर मुर्सलेम एस (35) की मौत हो गई। वे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के चर कृष्णापुर खामेर के निवासी थे। पढ़ें पूरी खबर…


