फरीदकोट में पीआरटीसी कर्मचारियों का प्रदर्शन:जेलों में बंद साथियों को रिहा करने की मांग, बोले- संवैधानिक अधिकार कुचल रही सरकार

फरीदकोट में बस स्टैंड पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा राज्य सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ गेट रैली आयोजित की गई और संविधान के तहत बोलने की आज़ादी, शांतिपूर्ण संघर्ष का अधिकार और लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। इस रैली को संबोधित करते हुए फरीदकोट डिपू प्रधान हरजिंदर सिंह ने पंजाब सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए। हरजिंदर सिंह ने कहा कि आज देश में संविधान लागू होने की वर्षगांठ मनाई जा रही है, लेकिन पंजाब में आम जनता, किसान, मजदूर, पत्रकार और अब पनबस कर्मचारी अपने हक़ मांगने पर लाठीचार्ज और मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने संगरूर में पनबस कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, झूठे मुकदमे दर्ज करने और इरादा कत्ल जैसी गंभीर धाराएं लगाकर जेल में बंद करने को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। यूनियन नेताओं ने कहा कि पनबस और पीआरटीसी में पिछले 17–18 वर्षों से आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी पूरी निष्ठा से सरकारी परिवहन सेवा चला रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें पक्का करने के बजाय ठेकेदारी प्रथा और किलोमीटर स्कीम के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है। चार वर्षों में तीन ठेकेदार बदले गए और प्रत्येक पर करोड़ों रुपए की कथित लूट के आरोप लगाए गए, जिसकी शिकायतें मुख्यमंत्री तक दी जा चुकी हैं। मांगों संबंधी 12 फरवरी को करेंगे पूर्ण हड़ताल-यूनियन इस मौके पर यूनियन नेता धरमिंदर सिंह ने बताया कि सरकार पर फ्री यात्रा सुविधा के बदले करीब 1200 करोड़ रुपए बकाया हैं, जिसके चलते बसों के रखरखाव और कर्मचारियों की तनख्वाह में लगातार संकट बना हुआ है। इससे स्पष्ट है कि सरकार या तो परिवहन विभाग चलाने में असफल है या इसे निजी हाथों में सौंपना चाहती है। उन्होंने कहा कि यदि जेल में बंद कर्मचारियों को शीघ्र रिहा नहीं किया गया, तो 9 फरवरी को सभी डिपुओं पर गेट रैलियां और 12 फरवरी को पूर्ण हड़ताल की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रबंधन की होगी।

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