आलीराजपुर जिले के खेल परिषद मैदान में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि कलेक्टर नीतू माथुर ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस दौरान पूरा मैदान देशभक्ति के गीतों और नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक और जिले के सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे। परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए ध्वजारोहण के बाद पुलिस, होमगार्ड और एनसीसी के कैडेट्स ने शानदार परेड पेश की। स्कूली बच्चों ने भी देशभक्ति के गानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसे देखकर मैदान में मौजूद नागरिक झूम उठे। कलेक्टर नीतू माथुर ने अपने भाषण में संविधान के महत्व को बताते हुए सभी को देश के विकास में साथ देने की शपथ दिलाई। झांकियों के लिए करना पड़ा इंतजार समारोह में परेड के बाद जब झांकियां निकलने वाली थीं, तब करीब 20 मिनट तक लोग उनका इंतजार करते रहे। झांकियों के आने में हो रही देरी को देखते हुए एसडीएम तपिश पांडे को मंच से बार-बार निर्देश देते सुना गया। इस देरी की वजह से कार्यक्रम की लय कुछ देर के लिए टूट गई। एसडीएम ने की बुजुर्ग महिला की मदद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान के बाद एक बुजुर्ग महिला को घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा था। जब सामाजिक कार्यकर्ता दीपक दीक्षित ने इस ओर ध्यान दिलाया, तो एसडीएम तपिश पांडे ने तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी से महिला को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया। सम्मान न मिलने से कुछ परिवारों में दिखी मायूसी एक तरफ जहां जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी ओर कुछ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों में नाराजगी भी दिखी। बताया गया कि इस बार भी कई शहीदों और सेनानियों के परिजनों को सम्मान के लिए नहीं बुलाया गया। ऐसे परिवारों का कहना है कि वे हर साल उम्मीद करते हैं कि प्रशासन उन्हें याद करेगा, लेकिन इस बार भी उन्हें खाली हाथ रहना पड़ा। देखें आयोजन की तस्वीरें…


