इंदौर में दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। महावीर नगर ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुनिश्री विनम्र सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन में रहकर भी धर्म का पालन किया जा सकता है और यह मुनि धर्म से भी अधिक महत्वपूर्ण है। गोयल नगर से निकली भव्य घटयात्रा में हजारों जैन धर्मावलंबियों ने भाग लिया। इस दौरान इंद्र-इंद्राणियों की भूमिका में श्रद्धालुओं ने मुनिश्री की अगवानी की और पाद-पक्षालन के बाद उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर कल्पवृक्ष वाटिका का निर्माण किया गया है, जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सात दिवसीय इस आयोजन में डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) स्थित संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महामुनिराज की समाधि स्थल की प्रतिकृति और जिनालय विशेष आकर्षण का केंद्र है। कार्यक्रम में कथक नृत्यांगना रागिनी मक्खर और उनकी टीम ने शानदार प्रस्तुति दी। समाज, शहर, प्रदेश और देश स्तर के विशिष्ट सेवाभावी व्यक्तियों का नागरिक अभिनंदन भी किया गया। मुनिश्री विनम्र सागर ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धन एकत्रित करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का निर्माण करना है। आयोजन में लेजर लाइट शो के माध्यम से आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन चरित्र को प्रदर्शित किया जाएगा।


