प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अनुसार हमने जनता को जो गारंटी दी है, उसे पूरा करना है। यह राज्य सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है। एक ही बजट में सभी गारंटी को शामिल करना संभव नहीं है, लेकिन उसके लिए आधार बनाया जा सकता है। हमें अपनी गारंटियों को प्राथमिकता देना है। हमारी एक गारंटी मंईयां सम्मान के रूप में पूरी हुई है। मीर ने रविवार काे प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित निकाय चुनाव व राज्य बजट पूर्व परिचर्चा में अपनी बातें कही। मीर ने कहा कि बैठक में जनप्रतिनिधि, संगठन के सदस्यों और जनता के जाे विचार और सुझाव आए हैं, उससे मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन काे अवगत कराया जाएगा। उन्हीं सुझावाें के अनुरूप झारखंड में बजट बनाने की कोशिश की जाएगी। प्रदेश प्रभारी बोले- निकाय चुनाव में अधिकतर सीटें जीतने की बनानी हाेगी रणनीति प्रदेश प्रभारी मीर ने कहा कि स्थानीय नगर निकाय चुनाव गैर दलगत आधार पर होना है। हम सरकार के समक्ष दलगत चुनाव कराने के लिए अपनी मांगों को रखेंगे। अगर गैर दलगत आधार पर चुनाव होते हैं तो हमें सचेत रहना है। हमें ऐसे लोगों का समर्थन करना है, जो कांग्रेस की विचारधारा के हों। हमें निकाय चुनाव में अधिकतर सीटें जीतने के लिए रणनीति बनानी होगी। खासकर हमें ध्यान वहां केंद्रित करना है, जहां हम विधानसभा व लोकसभा लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए। परिचर्चा में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, बन्ना गुप्ता, बादल, विधायक सुरेश बैठा, नमन विक्सल काेंगाड़ी, ममता देवी, निशात आलम, श्वेता सिंह, भूषण बाड़ा, अनूप सिंह समेत राज्य भर से आए कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। परिचर्चा में राज्य के बजट को लेकर इन्होंने भी रखे अपने विचार


