रबी फसलों से अधिक उपज प्राप्त करने के लिए 16 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। ये पोषक तत्व फसल को हवा, पानी और मिट्टी के जरिये उपलब्ध होते हैं। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह ने बताया कि 16 पोषक तत्वों में से किसी भी फसल को चार पोषक तत्व हाइड्रोजन, कार्बन, नाइट्रोजन व ऑक्सीजन हवा, पानी व मिट्टी से मिलते हैं, जबकि फास्फोरस, पोटाश, जिंक, मैगनीज, मैग्नीशियम, कॉपर, बोरोन, कैल्शियम, सल्फर आदि पोषक तत्व फसल को पोषक तत्व के रूप में मिलते हैं। क्लोराइड, लोहा, मोलिब्डेनम पोषक तत्व मिट्टी, रसायन और देशी उर्वरकों से उपलब्ध होते हैं। उन्होंने बताया कि सल्फर एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो फसल के लिए बहुत जरूरी है। यदि गेहूं या अन्य फसलों में इस तत्व की कमी हो जाती है तो उत्पादन पर बहुत बुरा असर पड़ता है। गेहूं की फसल में सल्फर की कमी के कारण नई पत्तियों का शीर्ष भाग हरा रहता है, जबकि शेष भाग पीला पड़ जाता है। जिप्सम सल्फर पोषक तत्व की पूर्ति के लिए बहुत सस्ता और उत्तम स्रोत है, जिसे 100 किलोग्राम प्रति एकड़ डाला जा सकता है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग जिप्सम 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवा रहा है। 50 किलोग्राम का बैग 205 रुपये में मिलता है। जिप्सम का उपयोग कैल्शियम युक्त मिट्टी को बेहतर बनाने के लिए भी किया जा सकता है। डॉ. अमरीक सिंह।


