अमृतसर के गोल्डन टेंपल की हेरिटेज स्ट्रीट पर महंतों के साथ हुई मारपीट के मामले में अब निहंगों की ओर से स्पष्टीकरण सामने आया है। निहंगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखी है। निहंगों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर जो मुद्दा वायरल हो रहा है, उस दौरान वे पंजाब से बाहर थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के साथ कार्रवाई की गई, वे न तो असली महंत थे और न ही किसी धार्मिक संस्था से प्रमाणित। खुद को महंत बताकर पैसे मांगने का आरोप निहंगों के अनुसार, ये युवक खुद को महंत बताकर श्रद्धालुओं से पैसे मांगते थे। आरोप है कि ये लोग नशे करने वाले लौग थे। निहंगों का दावा है कि जो व्यक्ति पैसे देने से मना करता था, उसे आपने कपड़े उतारने तक की धमकी दी जाती थी। पैसे न देने पर कपड़े उतारने की धमकी निहंगों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को लेकर पहले भी इन्हें कई बार समझाया गया था। अमृतसर के अन्य सिंहों ने भी चेतावनी दी, लेकिन जब ये लोग नहीं माने तो कार्रवाई करनी पड़ी।इस मामले में निहंग परमजीत सिंह अकाली ने सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे लोगों को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह दलील दे रहे हैं कि जिन पर कार्रवाई हुई, वे निहत्थे थे और सिंह निहत्थों पर वार नहीं करते। उन्होंने कहा कि हर कोई अपने विचार रख सकता है, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। संगत के लिए दी सफाई, विरोधियों को जवाब नहीं निहंगों ने साफ किया कि वे न तो अपने विरोधियों को जवाब देना जरूरी समझते हैं और न ही इसकी आवश्यकता है। यह स्पष्टीकरण केवल संगत के लिए दिया गया है, ताकि किसी के मन में कोई भ्रम न रहे। अकाली ने दो टूक कहा कि यदि गोल्डन टेंपल की मर्यादा से खिलवाड़ किया गया, तो आगे भी इसी तरह की कार्रवाई होती रहेगी। इससे पहले भी तंबाकू होटल जैसे मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। निहंगों का दावा है कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े सबूत मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर आए कमेंट्स और लोगों की शिकायतें भी उनके पास सुरक्षित हैं। निहंग अकाली ने बताया कि जब सुरक्षा गार्ड इन लोगों को समझाने की कोशिश करते थे, तो उन्हें भी धमकाया जाता था। प्रशासन को लेकर निहंग ने कहा कि उनका प्रशासन से लगातार संपर्क बना रहता है। किसी भी मामले की जानकारी पहले प्रशासन को दी जाती है। यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो वे खुद आगे कदम उठाते हैं। पैसे लेने के आरोपों को निहंगों ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने किसी से नाजायज पैसा लिया है, तो वह सबूत सामने लाए। यह भी कहा कि पहले की कार्रवाइयों के दौरान उन्हें धमकियां और प्रशासनिक दबाव झेलना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद वे पीछे नहीं हटे। अकाली ने साफ किया कि गुरु महाराज की सेवा में उनका यह रोल आगे भी जारी रहेगा।


