रतलाम में ब्लास्ट के दो EXCLUSIVE सीसीटीवी:हादसे के बाद घायल सड़क पर जली हालात में दौड़ते रहे; बारुद लेने गया युवक भी जला, खुद का वीडियो बनवाया

रतलाम में बंदूक की दुकान में हुआ धमाका ब्लास्ट जैसा था। ब्लास्ट होने पर हर कोई सहम गया। पास की दुकान में बैठे लोगों ने दौड़ लगा दी तो सामने रोड पर खड़े मैजिक से लोग उतर कर भागे। बंदूक की दुकान में मौजूद लोग भी धमाके के बाद अपनी जान बचाने दौड़े। उनकी हालात ऐसी थी कि उनके कपड़े पूरी तरह से जल गए। सड़क पर इधर-उधर भागते रहे। धमाके के दो एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज सामने आए है.., जो दैनिक भास्कर डिजिटल के पास मौजूद है। वीडियो देख कर अंदाजा लगाया जा सकता था कि रिहायशी क्षेत्र में हादसा कितना भयावह था। वीडियो में बंदूक दुकान में मौजूद दुकान संचालक समेत अन्य अपनी जान बचाकर दौड़ लगाते हुए बाहर हुए दिखाई दे रहे है। एक घायल हॉस्पिटल जाते समय अपना चेहरा देखने के लिए ऑटो चालक से अपना वीडियो भी बनवाया। यह वीडियो भी एक्सक्लूसिव वीडियो के रूप में दैनिक भास्कर डिजिटल के पास मौजूद है। हादसे के बाद स्थिति यह थी जो लोग जल गए थे उन्होंने अपने कपड़े तक रोड पर उतार दिए। किसी का जूता पड़ा था को किसी के जले हुए कपड़े रोड पर पड़े थे। दुकान का पीछे करने का काम चल रहा था चांदनीचौक से लक्कड़पीठा होते बाजना बस स्टैंड तक सिटी फोरलेन बनना है। नगर पालिका द्वारा सिटी फोरलेन में अतिक्रमण में आ रहे मकानों व दुकान संचालकों को नोटिस थमाया है। अतिक्रण वाली जगहों पर निशान भी लगाए है। कई लोग स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण हटा चुके है। बंदूक की दुकान संचालक को भी नोटिस दिया गया था। इसी के तहत वह अपने आगे के हिस्से की शटर को हटा कर अंदर की तरफ शिफ्ट करने का काम करवा रहा था। इस दौरान वेल्डिंग की जा रही थी। वेल्डिंग की चिंगारी संभवत बारुद के ढेर में गिरने से ब्लास्ट होने की बात सामने आ रही है। दो दिन पहले गया था बारुद नहीं था हादसे में दुकान के अंदर हुए घायल ग्राहक संदीप पाटीदार तितरी गांव का रहने वाला है। इनके पास लाइसेंसी बंदूक है। हादसे के दो दिन पहले भी यह बंदूक की दुकान पर कारतूस के लिए बारुद लेने गया था। उस समय बारुद नहीं था। दो दिन बाद आने को कहा। सोमवार दोपहर करीब 4 बजे वह दुकान के अंदर बैठा था। दुकान संचालक के अलावा दो अन्य वेल्डिंग करने वाले लोग मौजूद थे। वेल्डिंग हो रही थी। तभी अचानक से धमाका हो गया। तब दुकान में मौजूद सभी अपनी जान बचाते हुए दौड़े और दुकान से बाहर आए। सभी के कपड़े. चेहरे व हाथ जल गए थे। संदीप ने अपने गांव फोन लगाया संदीप दौड़ते हुए पास में एक कलर की दुकान पर गया। अपने गांव में फोन लगाने को कहा। कलर दुकान संचालक संदीप को जानता था। यहां से घरवालों को तुरंत सूचना दी। हादसे के बाद लोगों ने संदीप को ऑटो में बैठाया। कॉलेज रोड स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचा। संदीप ने ऑटो चालक को वीडियो बनाकर खुद का चेहरा दिखाने को कहा। ऑटो में बैठ जली हालात में हॉस्पिटल जाते हुए संदीप का वीडियो दैनिक भास्कर डिजिटल के पास एक्सक्लूसिव के रूप में मौजूद है। खेती बाड़ी करता है संदीप घायल संदीप पिता शंकर पाटीदार तीतरी गांव के रहने वाले है। वह खेतीबाड़ी करते है। शादीशुदा होकर इनके दो बच्चे है। बड़ी बेटी 5 साल की है तो बेटा 3 साल का है। हादसे के बाद तीतरी से परिजन दोनों छोटे बच्चे को साथ लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। खुद परिजनों ने बताया कि संदीप से बातचीत में दो दिन पहले बारुद लेने के लिए दुकान पर जाने की बात बताई है। नहीं होने पर दो दिन बाद आने को कहा था। सोमवार को वह वापस लेना गया। सोमवार रात परिजन बेहतर इलाज के इंदौर लेकर गए। पड़ोसी बोले – एकदम ब्लास्ट हुआ बंदूक की दुकान से सटी ज्वेलरी शॉप है। ज्वेलरी शॉप के महावीर भरगट ने बताया हम दुकान के अंदर बैठे थे। भयंकर सी विस्फोट जैसी आवाज आई। पास में वैल्डिंग का वर्क चल रहा था। रोड चौड़ी हो रही है इसके लिए शटर अंदर शिफ्ट हो रहा था। हमारे यहां पर भी ऊपर वर्क चल रहा था। एकदम से ब्लास्ट हुआ। अफरा-तफरी मच गई। हम लोग भी दुकान के बाहर आ गए। हमारी दुकान में ग्राहक बैठे थे वह भी दौड़े। बहुत तेज आवाज थी। धमाके के साथ तेज धुएं का गुबार था। पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश की गई। सालों पुरानी दुकान क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बंदूक की दुकान सालों पुरानी है। चौथी पीढ़ी के लोग यह दुकान संचालित कर रहे है। पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। धमाके का कारण स्पष्ट नहीं धमाके का कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। एसपी अमित कुमार, एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल ने घटनास्थल पर पहुंच कर अपने-अपने स्तर पर जांच की। माणकचौक थाना प्रभारी पातीराम डावरे, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव अन्य पुलिस बल मौजूद रहा। दुकान से 50 से अधिक बंदूकें जब्त घटना के बाद मौके से बड़ी संख्या में खाली कारतूस व छर्रे मिले है। नई बंदूके भी रखी हुई थी। आशंका है कि खाली कारतूस में बारुद भरने का काम भी यहां पर होता था। घटना के समय भी बारुद में ही वेल्डिंग की चिंगारी जाने से हादसा होने की बात फिलहाल सामने आ रही है। दुकान को किया सील घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार मनोज चौहान व अन्य अधिकारियों ने पुलिस के साथ दुकान को सील कर दिया। चारों घायल इंदौर रेफर हादसे में चार लोग झुलस गए थे। जिनमें आर्म्स शॉप ऑनर युसुफ अली (58), नाजिम (32), शेख रफीकुद्दीन (35) ग्राहक संदीप पिता शंकर पाटीदार (35) शामिल है। चारों को परिजन बेहतर इलाज के लिए इंदोर लेकर गए। रिहायशी इलाके में यह काम नहीं होना चाहिए हादसे की सूचना पर महापौर प्रहलाद पटेल भी पहुंचे। अपने स्तर से उन्होंने जानकारी ली। लोगों ने रिहायशी क्षेत्र में बारुद के काम को लेकर आपत्ति बी ली। महापौर ने बताया कि क्षेत्र के झमक भरगट जी का फोन आया। घटनाक्रम को बताया। मौके पर पहुंचा। घटनाक्रम कैसे हुआ है क्या विषय है। आग कैसे लगी है इसकी जांच पुलिस कर रही है। रिहायशी इलाके में इस तरह बारुद का काम नहीं होना चाहिए। एसपी अमित कुमार ने बताया दुकान का लाइसेंस किस चीज का है इसके बारे में जानकारी ली जा रही है। वेल्डिंग के रॉड मिले है। आग कैसी लगी और घटनाक्रम कैसे हुआ इसके सभी पहलुओं को ध्यान में रख जांच की जाएगी। बंदूकों की सेफ्टी के लिए हमने जब्ती में लिया है। ये खबर भी पढ़े- रतलाम की बंदूक की दुकान में धमाका:4 लोग गंभीर झुलसे; चश्मदीद बोले- लोगों ने दौड़कर जान बचाई, FSL टीम जांच में जुटी

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