सीकर के दांतारामगढ़ इलाके में मर्चेंट नेवी में नौकरी का झांसा देकर 1.96 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। नामजद आरोपी ने युवक को 45 दिन तक मुंबई में रखा। इसके बाद वापस गांव भेज दिया। आखिर में जान से मारने की धमकी भी दी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। दांता कस्बे के रहने वाले 23 साल के युवक पंकज धायल ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए दांतारामगढ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि साल 2024 में में उसका भाई आनंदीलाल मर्चेंट नेवी का डिप्लोमा पास करके नौकरी की तलाश में था। इसी दौरान दांता कस्बे में ही उसकी मुलाकात प्रहलाद शर्मा निवासी लाडवा से हुई। परिचित होने की वजह से पंकज ने प्रहलाद को कहा कि उसके भाई ने मर्चेंट नेवी का डिप्लोमा पास किया हुआ है। इस पर प्रहलाद ने पंकज को कहा कि उसका एक दोस्त सुनील कुमार महला निवासी लाडवा है जो खुद मर्चेंट नेवी में है और लोगों को मर्चेंट नेवी में नौकरी लगाने का काम करता है। मैं सुनील के जरिए आनंदीलाल की मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवा दूंगा,फिर प्रहलाद ने फोन पर पंकज की सुनील से बात करवाई। सुनील ने पंकज को कहा कि मर्चेंट नेवी में कंपनी के जरिए नौकरी लगती है,मेरी कंपनी में बातचीत हो गई है। नौकरी के बदले 3.50 लाख रुपए लगेंगे। इसमें से 1 लाख रुपए अभी भेज दो और बाकी बाद में दे देना। फिर सुनील ने आनंदीलाल के डॉक्यूमेंट,मार्कशीट आदि मांग लिए। सुनील ने पंकज को विश्वास में ले लिया। इसके बाद पंकज ने अपने भाई को नौकरी लगवाने के लिए 96 हजार रुपए और सुनील को ट्रांसफर करवा दिए। फिर सुनील ने आनंदीलाल को मूल डॉक्यूमेंट लेकर मुंबई बुलाया। आनंदीलाल डॉक्यूमेंट लेकर मुंबई चला गया। मुंबई में 45 दिन तक सुनील ने आनंदीलाल को बैठाए रखा और आज-कल करके टाइम निकाल दिया और फिर आखिर में कहा कि अभी कोई वैकेंसी नहीं है। जब वैकेंसी होगी उस समय आपको वापस बुला लेंगे। अभी अपने गांव वापस चले जाओ। ऐसे में पंकज का भाई आनंदीलाल वापस गांव आ गया। भाई आनंदीलाल के गांव आने के बाद जब पंकज ने सुनील से बात की तो उसने हमेशा बहाने किए। और आखिर में कहा कि मेरे पास कोई भी रुपए नहीं है,मैं तुम्हें कुछ भी नहीं देने वाला हूं। ज्यादा किया तो जान से खत्म करवा दूंगा। फिलहाल पंकज की रिपोर्ट पर दांतारामगढ़ पुलिस ने सुनील कुमार महला के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।


