महिला थानों में पहुंच रहे ज्यादातर मामलों में मोबाइल घरेलू विवाद का कारण बन रहा है। जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच ग्वालियर में घरेलू विवाद के 1732 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से 858 परिवारों को पुलिस ने संवाद के माध्यम से टूटने से बचाया है। वहीं 400 मामलों में एफआईआर दर्ज करनी पड़ी है। पुलिस की पूछताछ में पता चलता है कि पति-पत्नी के झगड़ों की मुख्य वजह मोबाइल, शराब पीना, पत्नी द्वारा अपने जिम्मेदारियां न समझना और घरवालों का अनावश्यक हस्तक्षेप शामिल है। महिला थाना प्रभारी रश्मि सिंह भदौरिया के अनुसार पति-पत्नी के विवाद से जुड़ी शिकायतों में महिलाओं ने बताया कि उनके पति मोबाइल का पासवर्ड नहीं बताते, उन्हें मोबाइल इस्तेमाल नहीं करने देते और विरोध करने पर मारपीट करते हैं। ससुराल वालों का हस्तक्षेप भी विवादों को बढ़ाता है। पत्नी देर रात तक ऑनलाइन रहती पतियों की शिकायतें हैं कि उनकी पत्नियां देर रात तक ऑनलाइन रहती हैं और मोबाइल का पासवर्ड गुप्त रखती हैं। पूछने पर वे झगड़ा करती हैं और तलाक की धमकी देती हैं। कई पत्नियों को सोशल मीडिया पर रील बनाने का अत्यधिक शौक है और मना करने पर वे झगड़ा करके मायके चली जाती हैं और झूठे दहेज एक्ट का मामला दर्ज करवा देती हैं। महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया ने यह भी बताया कि पति-पत्नी के बीच विवाद का कारण ज्यादातर आपसी सामंजस्य ना बैठना है। परिवार वालों का बीच में दखल देना, छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे के साथ झगड़ा करना और मोबाइल फोन को लेकर भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा होने की शिकायत आई थीं। इसके साथ ही पति-पत्नी का एक-दूसरे के ऊपर शक को लेकर विवाद होने के कई मामले भी सामने आए थे। 2025 में इन मामलों में पति-पत्नी के बीच हुए समझौते


