भिंड के पुराना सर्राफा मार्केट में आनंद ज्वेलर्स पर लूट के इरादे से बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में फायरिंग की। कट्टा व्यापारी के चेहरे पर रखकर धमकाया- “ये माया गैंग है, पुलिस को बता देना।” वारदात के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को अटेर किले की तलहटी से शाॅर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों की पहचान मुरैना के अंबाह निवासी गुल्ली उर्फ शिवम तोमर, उसके दोस्त मोहित तोमर और भिंड के आंशु श्रीवास के रूप में हुई है। यह बदमाश एक फरवरी की शाम को ज्वेलर्स आनंद सोनी की शॉप पर दो फायर करते हुए कट्टे की नोंक पर तिजोरी का सोना लूट ले गए थे। लोगों में डर पैदा करने की वारदात ये वारदात फिल्म स्टाइल में की गई थी, पुलिस ने जब शॉर्ट एनकाउंटर में तीनों आरोपियों को पकड़ा और उनसे बारी-बारी से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे लोगों में खौफ पैदा करना चाहते थे। इसके लिए लोखंडवाला फिल्म की तर्ज पर गैंग बनाई थी। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी आंशु इस गैंग का लीडर बनना चाहता था। इसलिए, उसने फिल्म शूटआउट एट लोखंडवाला से प्रभावित होकर अपना नाम “माया”, गुल्ली को “करण” और मोहित को “अर्जुन” नाम दिया। ये तीनों ग्वालियर-चंबल संभाग में टेरर टैक्स वसूली का गिरोह खड़ा करने की योजना बना रहे थे। जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर बनाई गैंग गुल्ली उर्फ शिवम पर पहले से हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज था। गुजरात में एक मामले में उसे साबरमती जेल भेजा गया था, वहीं नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में आंशु श्रीवास भी जेल गया था। दोनों की जेल में दोस्ती हुई और जमानत मिलने के बाद गैंग बनाने की प्लानिंग की। इस गैंग में गुल्ली ने अपने बचपन के दोस्त मोहित को भी शामिल कर लिया। रेकी के बाद शाम की पूजा का चुना समय आशु ने वारदात से पहले अपने दोस्तों को अमायन बुलाया। तीनों ने अटेर रोड पर एक रिश्तेदार के घर ठहरकर सर्राफा बाजार की रेकी की। लूट के लिए शाम की पूजा का समय चुना, जब व्यापारी तिजोरी खोलते हैं। व्यापारी शाम को पूजा करने जा रहे थे आनंद ज्वेलर्स के संचालक आनंद सोनी दुकान में शाम को पूजा करने की तैयारी में थे। वह लक्ष्मीजी की प्रतिमा पर अगरबत्ती लगा रहे थे। इसी दौरान आए तीन बदमाशों ने दो हवाई फायर किए। एक गोली दुकान की शटर में जाकर लगी। दो बदमाशों ने व्यापारी और उसके साथी पर कट्टा अड़ा दिया। तीसरे बदमाश ने दुकान में रखे लॉकर से माल समेट लिया। 80 पुलिसकर्मी एक साथ जुटे एसपी डॉ. असित यादव ने लूट की जानकारी मिलते ही तत्काल शहर की सीमा में नाकाबंदी करा दी। एएसपी संजीव पाठक के मार्गदर्शन और प्रभारी सीएसपी दीपक तोमर के नेतृत्व में टीम बनाई। बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए, जिससे पता चलाकि यह बदमाश किस तरफ भागे हैं। मुरैना की पुलिस को आरोपियों के सीसीटीवी वाले फोटो भेजे। इनसे पहचान करने में मदद मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन खंगाली, तो यह अटेर की तरफ आ रही थी। बताया जाता है कि रास्ते में ही आरोपियों की बाइक भी खराब हो गई थी। इस कार्रवाई में सात थाना प्रभारी समेत करीब 80 पुलिसकर्मी एक साथ काम कर रहे थे। इसके बाद मौके पर जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अटेर एसडीओपी दीपक तोमर और उनकी टीम ने उन्हें दबोच लिया। इस ऑपरेशन में 40 जवान शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद एसपी असित यादव ने कहा- “मैंने कहा था, एनी हाउ! ये तीनों चाहिए।” उत्तरप्रदेश भागने की फिराक में थे बदमाश एसपी डॉ. असित यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, किले के पास झाड़ियों में आग जलाकर बैठे तीन बदमाशों की सूचना मिली थी। पुलिस की घेराबंदी पर आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 8 राउंड फायर किए। दो आरोपी घायल अवस्था में मिले, जबकि एक को भागते हुए पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में मुरैना के बिंडवा निवासी गुल्ली उर्फ शिवम तोमर (23), अमायन निवासी अंशु श्रीवास (19) और हुसेत घाट निवासी मोहित तोमर शामिल हैं। आरोपियों से 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, 2.77 लाख नकद, दो कट्टे और कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में उन्होंने अहमदाबाद, मुरैना और मुंबई में भी वारदात करने की बात कबूली है। देर रात तक घटना स्थल पर रहे विधायक इस लूट की वारदात के बाद भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने पीड़ित व्यापारी से बातचीत के बाद एसपी डॉ. असित यादव से चर्चा कर आरोपियोंको जल्द पकड़ने की बात कही। इसके बाद देर रात में भी विधायक दोबारा घटना स्थल पर पहुंचे। वे अलग-अलगथाना प्रभारियों से भी इस मामले में अपडेट ले रहे थे। व्यापारियों ने विधायक कुशवाह को सम्मानित किया, तो उन्होंने कहा कि पूरी भाजपा सरकार आप सभी के साथ है। गुंडा, बदमाशों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


