सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के चूरना और बोरी में 22 जनवरी से जारी ऑपरेशन बायसन सोमवार को सफल हुआ। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गौर पुनर्स्थापन कार्यक्रम के तहत एसटीआर से 50 बायसन को भेजने का कार्य दो चरणों में पूरा हुआ। दूसरे चरण में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 27 बायसन (गौर) को कैप्चर कर ट्रांसलटोकेट करने का कार्य पूरा हुआ। विभाग इसे वन्य जीव संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मान रहा है। एसटीआर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून की संयुक्त टीम ने चार दिन में 27 बायसन को भेजा है। बायसन को पकड़ने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सकों की टीम ने उसे बेहोश किया। इसके बाद मौके पर ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद बायसन को स्ट्रेचर पर रखा गया था। दो चरणों में भेजे 50 बायसन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 50 बायसन की शिफ्टिंग की गई। पहले चरण में फरवरी 2025 में 23 बायसन भेजे गए थे। इस साल दूसरे चरण में 27 बायसन की शिफ्टिंग हुई। पीसीसीएफ एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन शुभरंजन सेन, एपीसीसीएफ (वन्यजीव) एल कृष्णमूर्ति के मार्गदर्शन में यह ऑपरेशन बायसन चला। एसटीआर, बीटीआर, कुनो राष्ट्रीय उद्यान समेत 300 आधिकारियों और फॉरेस्ट कर्मियों की मदद से यह ऑपरेशन बायसन सफल हुआ। कंधों पर स्ट्रेचर उठाकर वाहन तक पहुंचाया आधा दर्जन से अधिक वनकर्मियों की टीम ने स्ट्रेचर को कंधों पर उठाकर बायसन को वाहन तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित और हाईटेक वाहनों में रखकर बांधवगढ़ के लिए रवाना किया गया। बायसन के साथ वन्यजीव चिकित्सक और फॉरेस्ट स्टाफ की टीम भी मौजूद है। 394 किलोमीटर का सफर, 14,15 घंटे में सफर एसटीआर से बांधवगढ़ की दूरी करीब 394 किलोमीटर है। 14,15 घंटे में यह दूरी पूरी हुई। तय रूट चार्ट के अनुसार वाहनों को हर 50 से 60 किलोमीटर पर रोका गया। स्टॉपेज से पहले संबंधित क्षेत्र के वन अमले को सूचना दी जा रही है।


