दतिया शहर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मंगलवार सुबह होते आसमान पर बादलों की चादर तनी नजर आई और सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने का एहसास करा दिया। बीते कुछ दिनों से दिन में जहां धूप से हल्की राहत मिल रही थी, वहीं बादलों की वापसी ने ठंड को दोबारा मजबूत कर दिया है। मौसम के इस बदलाव के चलते न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटे में करीब 2.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 10.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। कभी हल्के तो कभी घने बादल सूरज को आंख-मिचौली खेलने पर मजबूर करते रहे। ठंडी हवाओं के कारण लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। सुबह-शाम ज्यादा असर, गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए लोग खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर के समय मावठ की बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे मौसम और ठंडा हो सकता है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस बदलाव की वजह हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ है। इसी सिस्टम के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल, बूंदाबांदी और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। दतिया और आसपास के क्षेत्रों में भी इसी कारण बादल छाए हुए हैं और बारिश के संकेत मिल रहे हैं। यदि दोपहर या शाम तक बारिश होती है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा। खासकर गेहूं की फसल के लिए यह मावठ किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। खेतों में गिरने वाला बारिश का पानी धीरे-धीरे मिट्टी में समाकर जड़ों तक पहुंचेगा, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय हल्की बारिश से नमी बनी रहती है और फसल को अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत भी कम पड़ती है।


