मंडला जिले में अब बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। लंबे समय से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) रजत सकलेचा ने खुद सड़कों पर उतरकर नगर में हेलमेट चेकिंग अभियान का नेतृत्व किया। अभियान के दौरान बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों को मौके पर रोका गया। उनकी बाइक थाने में खड़ी करवा दी गई और उन्हें हेलमेट लाने के बाद ही बाइक वापस देने को कहा गया। जिन लोगों ने हेलमेट पहनकर वापसी की, उन पर कोई चालान नहीं किया गया, बल्कि भविष्य में हमेशा हेलमेट पहनने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया। एसपी रजत सकलेचा ने सड़क किनारे हेलमेट बेचने वाले दुकानदारों से भी बातचीत की। उन्होंने दुकानदारों को घटिया और कमजोर हेलमेट न बेचने की सख्त हिदायत दी। हेलमेट की गुणवत्ता जांचने के लिए एसपी ने स्वयं एक हेलमेट खरीदा और उसे सड़क पर पटककर उसकी मजबूती का प्रदर्शन किया, ताकि लोग सस्ते और असुरक्षित हेलमेट के खतरों को समझ सकें। एसपी ने बताया कि वर्ष 2023 में मंडला जिले में सड़क हादसों में 119 लोगों की मौत सिर्फ हेलमेट न पहनने के कारण हुई थी। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस ने 26 जनवरी तक गांव-गांव जाकर माइक्रो बीट स्तर पर लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया था। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लगभग 250 हेलमेट मुफ्त भी बांटे गए थे। एसपी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में चालान करना मुख्य उद्देश्य नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति में हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना है। लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की और स्वीकार किया कि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इस अभियान के दौरान एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा, कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


