पचमढ़ी अभयारण्य से अलग हुआ पचमढ़ी नगर:मोहन कैबिनेट की मंजूरी, टाइगर रिजर्व में 390 करोड़ के विकास कार्यों को भी मंजूरी

पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य से अलग किए जाने की मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर पहले भी कैबिनेट फैसला कर चुकी थी, लेकिन प्रस्ताव में तकनीकी कारणों के चलते पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से बाहर नहीं किया जा सका था। इसलिए अब दोबारा प्रस्ताव लाकर पचमढ़ी अभयारण्य और पचमढ़ी नगर की सीमा अलग-अलग रखने को मंजूरी मिलेगी। इसके साथ ही टाइगर रिजर्व एरिया में बफर जोन में विकास कार्यों के प्रस्ताव भी मंजूर किए जाएंगे। कैबिनेट की फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य से अलग करने के लिए वन विभाग द्वारा ले गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पिछले साल भी यह प्रस्ताव कैबिनेट में आ चुका है, किंतु इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर कुछ गलतियां हो गई थीं, जिसे सुधारते हुए अब दोबारा इसे मंजूरी दी गई है। इसमें कुछ नदी-नाले क्षेत्र से बाहर नहीं किया जा सके थे। जिन्हें भी बाहर करते हुए अब पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य से बाहर किया गया है। प्रस्ताव के आधार पर टाइगर रिजर्व एरिया के बफर जोन में 390 करोड़ की योजना बनाकर विकास के कार्य करने को मंजूरी दी गई है। इसे भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर लागू किया जाएगा। तवा नदी के दाईं तट सिंचाई परियोजनाओं को भी कैबिनेट में मंजूरी दे दी है। 215 करोड़ की लागत से इन सिंचाई परियोजनाओं को पूरा होगा और 63 गांव सिंचित हो सकेंगे। एक अन्य फैसले में जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर 15 योजनाएं आने वाले समय में भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग और संख्या कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक युक्तियां को विदेश भेजने और रोजगार देने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। मंत्री काश्यप ने बताया कि इस योजना के जरिए 500 बच्चे विदेश जा सकेंगे। 45 करोड़ रुपए का प्रावधान इसमें किया गया है।
काश्यप ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पचमढ़ी में 395.95 हेक्टेयर भूमि को नजूल भूमि घोषित करने का फैसला राज्य सरकार ने पूर्व में लिया था। इसके बाद पचमढ़ी के शहरी एरिया में विकास कार्य कराए जा सकेंगे। नर्मदापुरम की दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति दी गयी है। तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना की लागत 86 करोड़ 76 लाख रुपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। नर्मदापुरम जिले की ही तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रुपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे।
इसे भी मिली मंजूरी जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रुपये और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी ये खबर पढ़ें… उज्जैन में राहगीरी आनंदोत्सव में CM ने गदा लहराई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन में राहगीरी आनंदोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुश्ती संघ के मंच से गदा लहराई और बैलगाड़ी में सवार होकर किसान कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखने की अपील की।पूरी खबर पढ़ें

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