राजनांदगांव| बिजली कंपनी ने संविदा पर कार्यरत लाइन परिचारकों के हित में दो अहम और राहत भरे निर्णय लिए है। इनमें पहला उनके मानदेय में लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि और दूसरा नियुक्ति आदेश में उल्लेखित 10 वर्ष की संविदा सेवा के बाद सेवा समाप्ति की बाध्यता को समाप्त करना शामिल है। मानदेय में 4,721 रुपए की सीधी बढ़ोतरी होगी। परिचारकों को 14,645 रुपया प्रतिमाह का फिक्स मानदेय दे रहे थे जो बढ़कर 19,366 रुपए प्रतिमाह किया गया है। मासिक मानदेय में 4,721 रुपए की सीधी बढ़ोतरी हुई है। बिजली कंपनी के अफसरों ने बताया कि नई व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। नई व्यवस्था के तहत लाइन परिचारकों का मूल मानदेय 15,600 रुपए, मैदानी भत्ता 5 प्रतिशत, अनुभव आधारित विशेष भत्ता 3 से 7 वर्ष के अनुभव के आधार पर चार स्लैब में, पेट्रोल भत्ता 800 प्रतिमाह दिया जाएगा। आवागमन खर्च में सीधी राहत मिलेगी। पूर्व में नियुक्ति आदेश में 10 वर्ष के बाद सेवा समाप्ति का प्रावधान समाप्त किया है।


