असिस्टेंट प्रोफेसर… 7 साल पहले आई वैकेंसी के लिए दूसरी बार 2 को होगा डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन

झारखंड के विश्वविद्यालयों में जंतु विज्ञान विषय की पढ़ाई और शोध व्यवस्था को मजबूती देने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रिया पिछले सात वर्षों से लंबित है। झारखंड लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2018 में राज्य के विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों और अंगीभूत महाविद्यालयों के लिए जूलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर के 14 पदों पर नियमित नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया था, लेकिन अब तक नियुक्ति पूरी नहीं हो सकी है। अब आयोग ने प्रक्रिया को निर्णायक मोड़ पर लाने के लिए 02 फरवरी दूसरी बार डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है। इसे लंबे समय से प्रतीक्षित भर्ती का टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है। आयोग ने कहा है कि साक्षात्कार की तिथि बाद में घोषित की जाएगी। इसलिए दूसरी बार डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन: जेपीएससी द्वारा एक जुलाई 2025 को अभिलेख सत्यापन कराया गया था, लेकिन उस दिन पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हो सके थे। इस कारण रिक्त पदों के अनुपात में अभ्यर्थियों की लिस्ट तैयार नहीं हो सकी। क्योंकि इंटरव्यू के लिए रिक्त पद का तीन गुना अभ्यर्थियों की संख्या होनी चाहिए। क्यों जरूरी है यह भर्ती : कई विवि में जंतु विज्ञान विषय में शिक्षकों की कमी है। कई ऐसे कॉलेज भी हैं, जहां जूलॉजी विषय में शिक्षक नहीं है। प्रयोगशालाएं और शोध परियोजनाएं सीमित संसाधनों में चल रही है। सात साल से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आयोग का यह कदम उम्मीद की नई किरण है। इस बार झारखंड लोक सेवा आयोग ने प्रक्रिया को पूरा करने के लिए स्पष्ट कदम उठाए हैं। पहले अभिलेख सत्यापन में अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों को दोबारा अवसर दिया गया है। मेधा क्रम के आधार पर अनारक्षित कोटि के अतिरिक्त अभ्यर्थियों को भी बुलाया गया है।

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