हलैना के पीएमश्री राउमा विद्यालय में अध्यापकों ने गणतंत्र दिवस समारोह को अखाड़ा बना दिया जहां एक अध्यापक ने तो मर्यादा को ताक पर रख समारोह को बीच में ही रोकते हुए मंचासीन अतिथियों को खड़े होने के लिए बोल दिया। इससे मंचासीन अतिथि हक्के-बक्के रह गए। करीब 2 घंटे हाई वॉल्टेज ड्रामा हुआ। हलैना के राउमावि में 77वें गणतंत्र दिवस पर बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। मंच पर प्रधानाचार्य तुरसीराम सहित पंचायत प्रशासक दीपेश कुमार, पप्पू ठाकुर, अन्नू व बाहर से आए वरिष्ठ अध्यापक बैठे हुए थे तभी मंच के समीप स्थित कमरे में अध्यापक योगेश धाकड़ व अन्य कार्मिक के बीच कहासुनी हो गई। इससे तमतमाए अध्यापक योगेश ने मंच पर आकर बोला कि बंद करो कार्यक्रम। अतिथि कुछ समझ पाते उससे पहले ही उनको भी खड़े होने के लिए बोल दिया और समारोह बंद करा दिया। अध्यापक के गलत व्यवहार से खिसियाए अतिथियों ने भी अध्यापक को आड़े हाथ ले लिया। इससे मंच पर अफरा तफरी मच गई। शब्दों की मर्यादा तार तार हो गईं। इससे शिक्षिकाएं सहमकर कमरों में चली गईं। मंच पर तनाव को देख बच्चों को मिठाई बांट तुरन्त रवाना कर दिया गया। अध्यापक योगेश ने कार्यक्रम रुकवाने के बाद बोला कि डीईओ से लेकर डायरेक्टर तक मेरी शिकायत कर दो। बंदा हाजिर मिलेगा। अध्यापक बोला – ज्यादा बात की तो बात बहुत आगे तक जाएगी विवाद के बाद प्रधानाचार्य कक्ष में स्टाफ और ग्रामीणों की बैठक हुई जहां अध्यापक योगेश ने कहा कि ज्यादा बात की तो बात बहुत आगे तक जाएगी क्योंकि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी में चेकों पर अध्यक्ष के फर्जी साइन होते हैं। भास्कर इनसाइट – प्रभार और सामान खरीदने पर चल रहा शीतयुद्ध सुबह ठीक साढ़े 10 बजे थे तभी पंचायत शिक्षक सुरेंद्र ने मंच पर आकर माइक थाम लिया और मंच पर बैठे प्रधानाचार्य पर एसडीएमसी की नियमित बैठक नहीं करने, अनुशासन व्यवस्था डगमगाने के आरोप जड़ दिए। अध्यापक योगेश ने वीडियो बना ली। एचएम गुट को लगा कि वीडियो को वायरल किया जाएगा। यहीं से विवाद शुरू हुआ। “प्रधानाचार्य से प्रकरण की जानकारी लेता हूं। जांच के बाद एक्शन लेंगे।”
-सुरेन्द्र गोपालिया, डीईओ माध्यमिक


