देसूरी में हत्या के एक मामले में कोर्ट ने चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपियों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामला 2018 का है। मामले के अनुसार 16 नवंबर को केसाराम गरासिया ने अपनी बेटी गीता की हत्या की रिपोर्ट देसूरी थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद नरेश, पाबूडी, पप्पूराम, कालूराम, सुमि और मोतीलाल के खिलाफ चालान पेश किया। कोर्ट में सुनवाई करते हुए एडीजे ललित डाबी ने आरोपी मगरतलाब निवासी नरेश, पाबूडी, पप्पूराम और देसूरी निवासी मोतीलाल देवासी को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि देसूरी निवासी कालूराम और सुमि को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक श्रवणसिंह सोलंकी ने पैरवी की।


