पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने पुलिस अधिकारी प्यारेलाल शिवरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मंत्री का आरोप है कि प्यारेलाल ने विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दलों के साथ मिलकर भाजपा प्रत्याशी को हराने में जुटे थे। इसकी शिकायत चुनाव आयोग के पास पेंडिंग है। इस संबंध में कोलायत विधायक अंशुमान सिंह 19 दिसंबर को सीएम से मिले थे। उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराते हुए बताया था कि कुछ लोग शिवरान को बीकानेर एसीबी एसपी बनाने में जुटे हैं। इसके बाद भी 31 जनवरी को जारी की गई आईपीएस सूची में पदोन्नत शिवरान को बीकानेर एसीबी में एसपी लगा दिया गया। भाटी इसका विरोध करेंगे। उन्होंने शिवरान को जिले से बाहर न भेजे जाने पर 6 फरवरी से विधानसभा के सामने धरने पर बैठने का ऐलान किया है। भाटी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए इस मामले के साथ ही अन्य कई मामलों में आपत्ति जताई। भाटी ने कहा कि 19 नवंबर 2015 से शिवरान लगातार बीकानेर में विभिन्न पदों पर हैं। पांच साल में जिला परिषद, पंचायत समिति और पार्षदों का वार्डों का परिसीमन बदल जाता मगर ये अधिकारी नहीं बदलता। विधानसभा चुनाव में सरेआम विपक्षी पार्टी को मदद की। हार्डकोर अपराधियों को विपक्ष के इशारे पर धारा 144 में लाकर छोड़ दिया। इनकी प|ी जयपुर रोड के एक इंस्टीटयूट में डायरेक्टर हैं। उदासर रोड पर फर्नीचर का शो रूम है। दो महिन्द्रा ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक है। जयपुरा रोड पर आवासीय मकान है। बिना भ्रष्टाचार के इतनी प्रॉपर्टी नहीं बनाई जा सकती। ऐसे आदमी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में एसपी लगा दिया। बिल्ली को दूध की रखवाली करने जैसे हालात हैं। भाटी बोले, शिवरान ने हाल ही में एक जगह कहा था कि जल्दी ही बीकानेर एसपी का चार्ज लेंगे। इनके कार्यकाल में झूठे मुकदमों में लोगों को फंसाया गया। कांग्रेस परिवार से राजनीतिक जुड़ाव है। 25 नवंबर 2023 को गोकुल गांव के पास विधानसभा सदस्य की पट्टी लगी गाड़ी पर अपराधी घूम रहे थे। इनको पकड़कर पुलिस को दिया। बाद में शिवरान के इशारे पर 151 में उनको छोड़ दिया गया। ऐसे एक नहीं दर्जनों उदाहरण हैं। अधिकारियों का कॉकस ऐसा कि वापस इसे यहीं भेज दिया। इन्हें जल्द बीकानेर से बाहर भेजा जाए, नहीं तो 6 फरवरी से मैं विधानसभा के सामने धरने पर बैठूंगा। एक खेजड़ी को सालों लगते बड़े होने में, सोलर ध्वस्त कर रहे जंगल देवी सिंह भाटी बोले, गुरु जंभेश्वर की सोच का नतीजा है कि आज यहां खेजड़ी पनप रही। लोगों ने खेजड़ी बचाने को कुर्बानी दी हैं। बिश्नोई समाज उसमें अग्रणी रहा। पर आज सोलर के नाम पर खेजड़ी कट रही। सरकार, मंत्री अधिकारी मौन हैं। एक जसवंत बिश्नोई जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बन जाते हैं। उनको कोई फर्क नही पड़ता कि कैसे बिश्नोई समाज जमीन पर खेजड़ी बचाने को जूझ रहा। बोर्ड अध्यक्ष बन गए और बिश्नोई समाज राजी हो गया। शिव विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी ऐसे माफियाओं से लड़ रहा है तो उसके खिलाफ झूठे मामले लगाए जा रहे हैं। भाटी बोले, किरोणी लाल मीणा ने सारे दस्तावेज पिछली सरकार के खिलाफ दिए मगर कोई एक्शन नहीं तो किरोणी का दर्द तो उभरेगा ही। किसान सड़कों पर मूंगफली लेकर खड़े हैं, देखकर भी गुजर जाते हैं मंत्री भाटी बोले, मंत्री जिले में आते हैं। हाई-वे से लेकर सड़कों पर किसान मूंगफली समेत फसलें लिए खड़ा है। उनसे पूछना तक जरूरी नही समझते कि आखिर क्यों घंटों से खड़ा है किसान। रात दो बजे भयंकर ठंड में खेतों पर काम करने वाले किसान का व्यवसाय को जिल्लत बना दी। बिजाई के समय सरकार को पता होता कि कितने में फसल बोई गई, कितनी पैदावार होगी तो पहले से बारदाना क्यों नहीं रखा जाता। रबी में हर साल बिजाई होती तो पहले से पता होता कि इतनी खाद की जरूरत होगी फिर भी खाद की हर साल किल्लत। अधिकारियों का सिस्टम ऐसा हो गया कि कभी-कभी आंसू आ जाते हैं। मन करता कि बंदूक उठा लूं पर मजबूर हूं।


