नए सिरे से होंगे न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ के चुनाव:निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों की सूची निरस्त; रजिस्ट्रार फर्म्स-चुनाव अधिकारी को नोटिस

भोपाल के प्रतिष्ठित न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ की चुनाव प्रक्रिया में सोमवार को नया मोड़ आ गया। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 31 जनवरी को निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों की सूची को निरस्त कर दिया। वहीं, असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स मंगला पुरकाम और मुख्य चुनाव अधिकारी सुदीप गुप्ता को नोटिस जारी किए। कलेक्टर सिंह ने फर्म्स एवं संस्थाएं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए असिस्टेंट रजिस्ट्रार पुरकाम को फटकार भी लगा दी। वहीं, मुख्य चुनाव अधिकारी गुप्ता को 6 फरवरी तक अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही अब महासंघ के चुनाव नए सिरे से होंगे। इसलिए नोटिस थमाए
बता दें कि न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सतीश गंगराड़े, पूर्व सचिव अजय देवनानी समेत अन्य व्यापारियों ने कलेक्टर से शिकायत की थी कि महासंघ के चुनाव में गड़बड़ी हो रही है। नई वोटिंग लिस्ट में सिर्फ 127 मतदाताओं को ही वोट डालने का अधिकार दिया गया, जबकि महासंघ की सदस्यता पूर्व में 942 सदस्यों की थी। मार्केट में कुल 1300 दुकानें हैं। इस शिकायत के बाद कलेक्टर ने 29 जनवरी को मतदाता सूची को त्रुटिरहित करने और आगामी आदेश तक न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ का चुनाव स्थगित किए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी चुनाव अधिकारी ने 31 जनवरी को चुनाव संपन्न करा दिया। सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित कर दिए गए। इसी सूची को कलेक्टर ने आदेश जारी कर निरस्त कर दिया है। विरोध में उतर गए थे व्यापारी
इससे पहले 26 जनवरी को महासंघ के चुनाव की घोषणा हुई थी। इसके बाद कई व्यापारी विरोध में उतर गए थे। उनका कहना था कि वोटिंग लिस्ट में सिर्फ 127 वोटर्स हैं। बाकी के नाम हटा दिए गए हैं। ये तानाशाही है, जो सहन नहीं करेंगे। इसे लेकर उन्होंने कलेक्टर समेत सहायक पंजीयक फर्म्स एवं संस्थाएं से शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर ने सहायक पंजीयक को चुनाव कार्यक्रम को लेकर आदेश दिए थे। 15 फरवरी के बाद ही हो सकेंगे चुनाव
कलेक्टर सिंह ने चुनाव प्रक्रिया निरस्त कर दी। ऐसे में अब मतदाता सूची को अपडेट करने के बाद चुनाव होंगे, जो 15 फरवरी के बाद ही संभव है। इसलिए विरोध में उतरे थे व्यापारी
शिकायत में कहा गया था कि वर्तमान अध्यक्ष और सचिव को आज तक कुल 8 नोटिस मिल चुके हैं। जिसमें भारी विसंगति और अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी बीच चुनाव की घोषणा की गई। 20 दिन की अवधि में बिना सदस्यता अभियान के सिर्फ 127 सदस्यों की लिस्ट जारी की गई थी। जिसका विरोध किया था।

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