रीवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ पोस्टर लगाने को लेकर छात्र संगठन NSUI के 20 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी पर सोमवार को मामला दर्ज कर लिया गया। तीन लोगों को जेल भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को RSS के खिलाफ पोस्टर लगाने के बाद छात्र संगठन के कार्यकर्ता सोमवार को दोबारा से पोस्टर लगाने के लिए कॉलेज चौराहे पहुंचे थे। जैसे ही पोस्टर लगाने के लिए आगे बढ़े सिविल लाइन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मौके पर अमहिया थाना पुलिस और चोरहटा थाना पुलिस भी मौजूद थी। छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद गाड़ी में भरकर सीधे थाने लाया गया, जहां से तीन लोगों को जेल भेज दिया गया। जबकि बाकियों को दोपहर से रात तक बैठा कर रखा गया। जिन्हें रात में रिहा किया गया है। पोस्टर्स में RSS को संविधान विरोधी बताया
प्रमुख चौराहों पर लगाए गए पोस्टर्स में RSS को संविधान विरोधी संगठन बताया गया। इसके अलावा, कुछ पोस्टरों में महात्मा गांधी की हत्या से जुड़े नारे भी लिखे गए हैं और संघ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता विनोद शर्मा ने एनएसयूआई के इस कदम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से RSS के विरोध में रही है और इसे एक विवादास्पद संगठन मानती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एक समय आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया गया था। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- हमारी आवाज को दबाया जा रहा
इधर, छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं को छुड़वाने के लिए कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा और बाकी पदाधिकारी थाने के सामने भीड़ जमा कर खड़े थे। अब बाकी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे गए तीन लोगों को लेकर कांग्रेस और छात्र संगठन ने आक्रोश जाहिर किया है। जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने बताया कि जिस तरह से हमारी आवाज को दबाया जा रहा है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से पोस्टर लगाने के लिए कॉलेज चौराहे में इकट्ठा हुए थे। लेकिन हमें किसी आतंकवादी की तरह पुलिस ने गाड़ियों में भरकर भूखे प्यासे सुबह से शाम तक खाने में बैठाकर रखा। हमारे तीन साथियों को जेल भेज दिया गया है। हमें दबाया और कुचला जा रहा है। अगर इसी तरह से बर्बरता जारी रही तो आगे चलकर हम उग्र आंदोलन करने वाले हैं। इसके लिए पूरी तरह से प्रशासन और पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। यह सब कुछ सत्ता पक्ष की इशारे से किया जा रहा है। कोई भी अधिकारी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। सभी अधिकारी एक दूसरे पर बात डालकर कन्नी काट रहे हैं। एएसपी बोले- उपद्रव कर रहे थे, इसलिए अरेस्ट किया
गिरफ्तार लोगों में रवि सुमित सिंह प्रदेश सचिव एनएसयूआई, अभिराज बौद्ध उपाध्यक्ष, कुंदन वर्मा शामिल हैं। जबकि जिनके खिलाफ मामला पंजीबद्ध हुआ है उनमें जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, नित्कर्ष मिश्रा, अमन द्विवेदी, अजय सिंह, अर्पित तिवारी, संजीव शुक्ला समेत 20 लोगों के खिलाफ नामजद मामला पंजीबद्ध किया गया है। एडिशनल एसपी विवेक लाल का कहना है कि छात्र संगठन के पदाधिकारी उपद्रव कर रहे थे। हंगामे की वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- यह ओछी मानसिकता
भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि RSS हमेशा बाढ़, भूकंप और अन्य आपदाओं में सेवा कार्यों में अग्रणी रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पोस्टर ओछी मानसिकता के तहत लगाए गए हैं, जिससे गलत संदेश फैलाया जा रहा है और लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कोई कठोर कदम नहीं उठाया तो भाजपा को आगे की रणनीति पर विचार करना पड़ेगा।


