सिविल अस्पताल हजीरा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब स्वयं को भाजपा का मंडल अध्यक्ष बताने वाले युवक योगेंद्र तोमर ने रिपोर्ट देने वाले आउटसोर्स कर्मचारी मंगल भदौरिया पर हाथ उठा दिया। विवाद की वजह यह बताई जा रही है कि मंडल अध्यक्ष रिपोर्ट कक्ष के अंदर शाम करीब 4 बजे दाखिल हो गए। स्टाफ ने उनसे यह कह दिया कि रिपोर्ट विंडो से लें। अभी विंडो भी खाली है। यह बात नेताजी को इतनी बुरी लग गई कि उन्होंने कहा कि वह भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं। कर्मचारी ने उसे आखिर क्यों नहीं पहचाना। इस पर उन्होंने कर्मचारी की पीठ पर कोहनी मारी। साथ ही धमकी दी कि मैं इसे बता रहा हूं कि मैं मंडल अध्यक्ष हूं और यह कह रहा है कि क्या होता है मंडल अध्यक्ष। मंगल भदौरिया ने बताया कि स्वयं को भाजपा का मंडल अध्यक्ष बताने वाले योगेंद्र तोमर से उसने निवेदन किया था कि रिपोर्ट विंडो से ले लो। इस पर उन्होंने मुझे गालियां देने के साथ पीटा और धमकी दी है कि अब देखता हूं कि तू नौकरी कैसे करता है? पहले पीटा, वीडिया वायरल पर बोले- मैंने परिचय दिया था योगेंद्र तोमर द्वारा मारपीट करने का वीडियो वायरल हो गया है। इस संबंध में योगेंद्र तोमर का कहना है कि मैंने अपना परिचय दिया था। कर्मचारी ने बदतमीजी की, लेकिन मैंने उसे नहीं मारा। मेरी उससे बात हो गई थी। वीडियो किसी ने गलत वारयल कर दिया। वहीं हॉस्पिटल कैंपस में मारपीट के मामले में अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रशांत नायक का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वहीं प्रभारी अस्पताल डॉ. वीर पाल का कहना है कि उनकी कर्मचारी से बात नहीं हुई है। अगर ऐसा है तो वह कर्मचारी से बात करेंगे। इस मामले का समाधान कराएंगे। कर्मचारी बोला-वेतन मिल नहीं रहा, रोज देते हैं धमकी
कर्मचारी मंगल भदौरिया का कहना है कि यहां धमकी देकर नौकरी खाने वाले नेता तो रोज आते हैं, लेकिन ऐसा कोई नेता आजतक नहीं आया जिसने यह पूछा कि तुम्हें वेतन समय पर मिल रहा है या नहीं। हमें एक साल हो गया वेतन नहीं मिला है। प्रदेशाध्यक्ष बोले- केस दर्ज नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
मप्र संविदा आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष कोमल सिंह का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी के साथ ड्यूटी पर मारपीट करने वाले युवक पर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कराकर अस्पताल प्रबंधन कार्रवाई करे। अन्यथा संघ आंदोलन करेगा।


