भास्कर न्यूज | अमृतसर पुलिस ने सीमा पार नशा-हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक ही परिवार के 4 आरोपी काबू किए हैं। चारों आरोपी आपस में चाचा-भतीजा हैं। आरोपियों से डेढ़ किलो हेरोइन, 1.98 लाख ड्रग मनी, दो पिस्तौल और पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी (पीओएफ) मार्क के 34 कारतूस बरामद किए गए हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी तस्करों और विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे। आरोपी गांव रणियां बार्डर के पास अपने खेतों में खेप मंगवाते थे। एक हेरोइन की सप्लाई के बदले एक लाख और एक पिस्तौल के 70 हजार रुपए मिलते थे। विदेश में बैठे हैंडलर भी आरोपियों के रिश्तेदार हैं। आरोपियों की पहचान पहचान जसकिंदर सिंह, हरपाल सिंह, गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह निवासी गांव रणियां, लोपोके के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सभी आरोपी आपस में करीबी रिश्तेदार हैं और एक ही परिवार से संबंधित हैं। आरोपी हरपाल और गुरमुख दोनों आपस में सगे भाई हैं। वहीं जसकिंदर और सुखदीप सिंह हरपाल और गुरमुख के भतीजे हैं। चारों आरोपियों की उम्र 19 से 33 साल हैं। अब तक उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह के खुलासे पर 2 पिस्तौल बरामद की गईं। जसकिंदर सिंह और हरपाल सिंह के खुलासे पर 1.5 किलो हेरोइन की खेप बरामद हुई। चारों आरोपियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में पर्चा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी जसकिंदर सिंह ने छेहर्टा में एक डेयरी खोली है। डेयरी की आड़ में हथियार और हेरोइन की सप्लाई कर रहा था। उसने डेयरी इसी सप्लाई की चैन को चलाने के लिए खोली थी। जसकिंदर सिंह के अलावा तीनों आरोपी खेतीबाड़ी का काम करते हैं। आरोपियों से बरामद मोबाइलों से कई सारे लिंक मिले हैं।


