अमनदीप सिंह | अमृतसर पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नया कदम उठाया है। एससीईआरटी पंजाब के निर्देशों पर राज्य भर में मिशन समर्थ 4.0 को जमीन पर लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिले में पंजाबी, अंग्रेजी और गणित पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए 2 दिवसीय सेमिनार करवाए जा रहे हैं। इसका मकसद बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाना और पढ़ाई को ज्यादा असरदार बनाना है। जिला शिक्षा अधिकारी (सेकंडरी) राजेश कुमार शर्मा और उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना की अगुवाई में सेमिनार जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण में पंजाबी विषय के करीब 550 अध्यापकों को 2 दिन की ट्रेनिंग दी गई। यह ट्रेनिंग कक्षा में पढ़ाने के तरीके को बदलने की कोशिश है। अध्यापकों को मिशन समर्थ के नए टेस्टिंग टूल, बच्चों को समूहों में बांटने का तरीका और आधुनिक पढ़ाने की तकनीक सिखाई जा रही है। इसमें ” टीचिंग एट राइट लेवल’ पर खास जोर है, यानी 6वीं से 8वीं कक्षा तक के बच्चों को उनकी समझ और क्षमता के हिसाब से पढ़ाया जाएगा। यह नया तरीका स्कूलों में अप्रैल 2026 से लागू होगा। डीआरसी डॉ. राजन ने बताया कि यह सेमिनार नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 की तैयारी का हिस्सा हैं। इसमें अध्यापकों को बताया जा रहा है कि कक्षा की शुरुआत नए ढंग से कैसे करें, अलग-अलग स्तर के बच्चों को कैसे पढ़ाएं और बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि कैसे बढ़ाएं। पहले चरण में जिले के 8 ब्लॉकों के पंजाबी अध्यापकों को शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में अंग्रेजी और गणित के अध्यापकों को भी ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा। वहीं, डाइट प्रिंसिपल सुखदेव सिंह सेमिनारों का निरीक्षण कर अध्यापकों को मार्गदर्शन और हौसला दे रहे हैं।


