चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की कैश ब्रांच से पुलिस वर्दी पहनकर आए लुटेरा आया और सरप्राइज चेकिंग बोलकर 13.30 लाख रुपए लूट मामले में एक विडियो सामने आया है जिसमें एक शख्स लूट को अंजाम देकर जाता हुआ नजर आ रहा है और उसने पुलिस की वर्दी पहन रखी है। वहीं पुलिस ने मामले में शक के चलते ब्रांच में सिक्योरिटी गार्ड गौरव हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह रकम तीन-चार दिन की कैश कलेक्शन थी, जो छुट्टियों के कारण बैंक में जमा नहीं हो सकी थी। खाकी वर्दी में आया लुटेरा पुलिस पूछताछ में गार्ड ने बताया आरोपी पुलिस की खाकी वर्दी में आया और खुद को सरप्राइज चेकिंग पर बताया। उसने गार्ड को डराते हुए कहा कि रात में यहां गलत गतिविधियों की शिकायत मिली है और सीनियर अफसर भी आ रहे हैं। आरोपी ने सीटीयू के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी लिए। इसके बाद उसने लॉकर की चाबी और गार्ड का मोबाइल ले लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लॉकर से करीब 13.30 लाख रुपए नकद लेकर फरार हो गया।कंडक्टर ने खोला कमरा, तब चला पता घटना मंगलवार सुबह करीब सवा 4 बजे ड्यूटी पर आई कंडक्टर सुशीला ने गार्ड के चिल्लाने की आवाज सुनी। उसने कमरे की कुंडी खोली, जिसके बाद गार्ड ने पूरी घटना बताई। कैश चेक करने पर रकम गायब मिली। इसके बाद सीनियर अधिकारियों को सूचना दी गई। देर शाम दर्ज हुई शिकायत, गार्ड की कहानी संदिग्ध सीटीयू की ओर से देर शाम सेक्टर-17 थाना पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने गार्ड गौरव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गार्ड की कहानी संदेह के घेरे में है। कैश ब्रांच के एंट्री गेट पर लगे कैमरों में संदिग्ध युवक की फुटेज मिली है। आशंका है कि आरोपी टू-व्हीलर पर आया था। जाते समय उसके बाएं हाथ में हेलमेट था। आरोपी की वर्दी नई लग रही थी और उसने खाकी कैप से चेहरा ढक रखा था। लुटेरे को थी अंदरूनी जानकारी जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी को सीटीयू की कैश ब्रांच की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी थी। उसे पहले से पता था कि छुट्टियों की वजह से कई दिनों का कैश ब्रांच में जमा रहता है। इतना ही नहीं, आरोपी को यह भी मालूम था कि रात के समय कैश ब्रांच में केवल एक ही सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है। वारदात के दौरान उसने सीटीयू के अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी लिए, जिससे पुलिस को शक है कि उसे अंदरूनी सूचनाएं पहले से मिली हुई थीं। इसी वजह से पूरा मामला और ज्यादा संदिग्ध नजर आ रहा है।


