डीडवाना में बांगड़ कॉलेज में महिला प्रकोष्ठ की ओर से 3 दिवसीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ। इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में जागरूकता, आत्मनिर्भरता और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिताओं के पहले दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिनमें पोस्टर प्रतियोगिता और बिना आग के पकाना प्रतियोगिता प्रमुख थीं। पोस्टर प्रतियोगिता का विषय “महिला सुरक्षा, कानून एवं अधिकार” रखा गया था। इसमें छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा कानूनों और अधिकारों पर आधारित रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से समाज में जागरूकता का संदेश दिया। इस प्रतियोगिता में डॉ. तृप्ति सिंघल और गरिमा धीवा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। बिना आग के स्वादिष्ट ओर पौष्टिक व्यंजन तैयार किए
इसी क्रम में बिना आग के पकाना प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने बिना किसी आग या हीटिंग उपकरण का उपयोग किए स्वादिष्ट, पौष्टिक और आकर्षक व्यंजन तैयार किए। इस प्रतियोगिता में स्वच्छता, प्रस्तुति, पोषण मूल्य और नवाचार को मूल्यांकन के मुख्य आधार के रूप में देखा गया। प्रो. चेनाराम महला और प्रो. चंद्रभान जाट ने इस प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में कार्य किया। छात्राओं से आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनने का आह्वान
इस अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्राओं के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं। डॉ. गोदारा ने महिला सुरक्षा, कानून और अधिकारों की जानकारी को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए छात्राओं से आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान महिला प्रकोष्ठ की संयोजक सुमन गोदारा, डॉ. अंतिमा अग्रवाल, मोनिका और प्रो. सुनीथा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इन प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


