सिविल अस्पताल में पर्ची काउंटर बंद, बच्चे का इलाज अटका:डॉक्टर 9 बजे से ड्यूटी पर मौजूद; परिजन बोले-बच्चे की हालत बिगड़ी

शहडोल के जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में बुधवार सुबह लापरवाही सामने आई। पर्ची काउंटर बंद होने के कारण बीमार 8 महीने के बच्चे का इलाज नहीं हो पाया, जबकि डॉक्टर ओपीडी में मौजूद थे। घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार सुबह करीब 9 बजे जयसिंहनगर से लगभग 10 किलोमीटर दूर रहने वाले परिजन 8 महीने के बेटे आरव अहिरवार को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। उस समय अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर ड्यूटी पर थे, लेकिन पर्ची काउंटर बंद था। काउंटर खुलने का इंतजार करते रहे परिजन परिजनों ने बताया कि वे काउंटर खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। मजबूरी में परिजन बच्चे को सीधे डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने पहले पर्ची लाने को कहा, लेकिन काउंटर बंद होने की जानकारी मिलने पर बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए सादे पर्चे पर दवा लिखकर इलाज शुरू किया। स्थानीय मरीजों और नागरिकों का आरोप है कि सिविल अस्पताल का पर्ची काउंटर नियमित रूप से निर्धारित समय का पालन नहीं करता। काउंटर का निर्धारित समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 बजे से 6 बजे तक है, लेकिन यह अक्सर 10 बजे के बाद ही खोला जाता है। बुधवार सुबह भी कई मरीज पर्ची काउंटर के सामने इंतजार करते दिखे। पर्ची काउंटर का संचालन ठेकेदार के भरोसे छोड़ा लोगों का कहना है कि पर्ची काउंटर का संचालन ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया गया है, जिसकी मनमानी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इस मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि यदि पर्ची काउंटर समय पर नहीं खुला है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी लेकर खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) से तत्काल चर्चा की जा रही है।

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