श्योपुर जिले में मंगलवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिले के कई गांवों में पकी खड़ी सरसों की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। अचानक बदले मौसम के कारण खेतों में खड़ी सरसों की फसल ओलों की मार से नष्ट हो गई है। मानपुर क्षेत्र के टोंगनी, आँवनी, जवासा, श्यापुर और सिरसोद सहित कई गांवों में बारिश और ओलावृष्टि से सरसों की फसल लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों के अनुसार, फसल कटाई के करीब थी, लेकिन ओले गिरने से पौधे टूट गए और फलियां झड़ गईं, जिससे अब उपज की उम्मीद बेहद कम है। विजयपुर और करहाल विकासखंडों के किसानों ने भी फसल को भारी नुकसान होने की जानकारी दी है। किसानों के मुताबिक, लगभग पंद्रह दिन बाद सरसों की कटाई शुरू होनी थी। कई इलाकों में 100 प्रतिशत तक नुकसान बताया जा रहा है, जबकि कुछ गांवों में करीब 50 प्रतिशत फसल खराब हुई है। ओलों की मार से सरसों के पौधे जमीन पर गिर गए हैं, जिससे दानों के भरने की संभावना समाप्त हो गई है। टोंगनी गांव के किसान बाबूलाल, पंचम और किशोरी लाल ने बताया कि सामान्यतः एक बीघा में लगभग 15 मन सरसों का उत्पादन होता है। हालांकि, इस बार ओलावृष्टि के बाद उत्पादन आधे से भी कम रहने की संभावना है। किसानों ने कहा कि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है, क्योंकि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। जिले के तीनों विकासखंडों—श्योपुर, विजयपुर और करहाल—में कृषि विभाग की टीमें फसल नुकसान का सर्वे करने के लिए गांव-गांव पहुंच रही हैं।


