राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में पिछले दिनों वाइस चांसलर के साक्षात्कार पद पर राज्य के बाहर के व्यक्ति का विरोध शुरू हो गया है। डॉक्टर्स साक्षात्कार को निरस्त करवाने की कवायद में जुट गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राज्य शाखा ने राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को एक पत्र लिखकर इस पद पर बाहरी व्यक्ति (दूसरे राज्य) की नियुक्त नहीं करने की मांग की है। जानकारी के अनुसार हाल ही में हुए साक्षात्कार में शॉर्टलिस्ट हुए डॉक्टरों के चयन की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है। आईएमए ने राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सीनियर डॉक्टर को नियुक्त किया जाएं, जिससे एम्स की तर्ज पर बन रहे रिम्स का लाभ आमजन को आसानी से मिल सकेगा। राज्य के बाहर से आने पर काफी दिक्कतें आ सकती है। उन डॉक्टर्स के हितों का कुठाराघात होगा, जो यहां सालों से अपनी सेवाएं दे रहे है। प्रदेश के बाहर से आए व्यक्ति को इस पद की जिम्मेदारी देने से प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। चर्चा का विषय बना है: पिछले माह में हुए साक्षात्कार में कार्यवाहक वीसी डॉ. धनन्जय अग्रवाल को शामिल नहीं करना चर्चा का विषय बना हुआ है। साक्षात्कार में जेएलएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. वीबी सिंह, आरयूएचएस के पूर्व प्रिसिंपल और एसएमएस के पूर्व अतिरिक्त प्राचार्य व अधीक्षक रहे डॉ. राजेश शर्मा, एसएमएस के पूर्व अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. एसएम शर्मा और आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर के पूर्व प्राचार्य डॉ. लाखन पोसवाल के अलावा महाराष्ट्र के डॉ. प्रमोद गोविंदराव येवले शामिल है। डॉ. येवले महाराष्ट्र में सीनियर फार्मासिस्ट रह चुके हैं।


