नागौर जिले के बलदेव राम मिर्धा राजकीय महाविद्यालय में विश्वविद्यालय परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता भंग करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। महाविद्यालय के प्राचार्य और परीक्षा समन्वयक डॉ. हरसूख छरंग ने इस संबंध में कोतवाली थाने में एक परीक्षक और उनके दो रिश्तेदारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह पूरा मामला इतिहास विषय की उत्तर पुस्तिकाओं के साथ हुए खिलवाड़ और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से जुड़ा है, जिसने विश्वविद्यालय की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पारिवारिक कार्यक्रम में असुरक्षित छोड़ी गईं कॉपियां प्रिंसिपल हरसूख छरंग ने बताया कि एमडीएस विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए उन्हें समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने बीए प्रथम वर्ष के सेकंड सेमेस्टर (हिस्ट्री ऑफ इंडिया) की 15 उत्तर पुस्तिकाओं का एक बंडल जांच के लिए सुरेशचंद बेंधा को सौंपा था। सुरेशचंद नेट क्वालीफाइड हैं और उनके पास सात वर्षों का शैक्षणिक अनुभव है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि परीक्षक इन उत्तर पुस्तिकाओं को अपने साथ गांव ले गए थे, जहां एक पारिवारिक समारोह के दौरान उन्होंने इन्हें असुरक्षित छोड़ दिया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर उनके रिश्तेदारों ने कॉपियों के साथ एक वीडियो बना लिया जो बाद में सार्वजनिक हो गया।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद पुलिस की कार्रवाई यह वीडियो 15 जनवरी को सामने आया था, जबकि संबंधित परीक्षा 12 नवंबर को आयोजित की गई थी। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया। इस कमेटी के समक्ष प्राचार्य और संबंधित परीक्षक को तलब किया गया, जहां परीक्षक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित बयान दर्ज कराया। कमेटी द्वारा वीडियो की सत्यता की पुष्टि किए जाने के बाद प्राचार्य ने पुलिस में रिपोर्ट दी। कोतवाली थानाधिकारी वेदप्रकाश शिवरान ने बताया कि विश्वविद्यालय की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि गोपनीयता का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल था।


