बूंदी जिले के आजन्दा गांव में एक किसान की कृषि भूमि से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नाले से अतिक्रमण हटाया गया है। यह कार्रवाई आरआईडीसीओआर (RIDCOR) विभाग की ओर से पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। आजन्दा निवासी भूरालाल मीणा ने अपनी कृषि भूमि से पानी की निकासी में आ रही समस्या को लेकर जिला कलेक्टर बूंदी को प्रार्थना पत्र दिया था। उनकी यह भूमि पाटन तहसील के आजन्दा गांव में स्थित है। यह कृषि भूमि कोटा-लालसोट मेगा हाईवे के किनारे है। मेगा हाईवे के किनारे बनी यह ड्रेन (नाली) आरआईडीसीओआर विभाग के अंतर्गत आती है। इस ड्रेन पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही थी।
अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए RIDCOR के परियोजना निदेशक, सवाई माधोपुर ने पुलिस जाब्ते की मांग की थी। आरआईडीसीओआर ने 12 दिसंबर 2025 को पत्र क्रमांक 8870 जारी कर 28 दिसंबर 2026 को मौके पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान देईखेड़ा थानाधिकारी दारा सिंह, नायब तहसीलदार राजेश जैन, कानूनगो धीबेश शर्मा और आजन्दा हल्का पटवारी बृजेश मीणा मौके पर मौजूद रहे।


