बैतूल में बुधवार को बजरंग दल की भव्य त्रिशूल दीक्षा और शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान 1100 कार्यकर्ताओं को स्टील के त्रिशूल वितरित कर दीक्षा दी गई। कार्यक्रम में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में महिला सदस्य भी शामिल हुईं। इस मौके पर 500 नए सदस्यों ने भी अपना पंजीयन कराया। कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रांत गौ रक्षा प्रमुख कृष्णकांत गावंडे ने रखी। राष्ट्रीय संयोजक किसन प्रजापति ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “हिंदू समाज को जगाने और उसकी रक्षा के लिए यह शौर्य यात्रा निकाली जा रही है। शस्त्र धारण बहन-बेटियों की सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यक है।” उन्होंने कहा कि भगवान राम ने सीता माता की रक्षा के लिए और भगवान कृष्ण ने द्रोपदी की रक्षा के लिए शस्त्र उठाया था, हम उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ‘हनुमान जी की तरह हाथ में त्रिशूल रहना चाहिए’ प्रांत संयोजक सुरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि “बजरंग दल हर समय खड़ा रहेगा और हिंदू समाज पर कोई संकट आता है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संगठन की है।” उन्होंने कहा कि “जिस तरह हनुमान जी के हाथ में गदा हुआ करती थी, वैसे ही हिंदू समाज के युवाओं के हाथ में त्रिशूल भी रहना चाहिए। इसका उपयोग भी करना है, पर इसे संभलकर करना है।” विवादित बोल: जेहादियों को दी चेतावनी मंच से बोलते हुए प्रांत संयोजक सुरेंद्र सिंह ने एक विवादित बयान भी दिया। उन्होंने कहा, “जब भी कोई जेहादी मां-बहन को छेड़ने का काम करेगा तो उसकी अंतड़ियां निकालने की जिम्मेदारी भी हमारी बनती है।” उनके इस बयान पर आयोजन में मौजूद लोगों ने समर्थन जताया। कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री सुन्दर तिवारी, क्षेत्र संयोजक विष्णु वर्धन भट्ट, जिलाध्यक्ष जयदीप सिंह रूनवाल सहित जिला और विभाग की टोली मौजूद रही।


