मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मतदाता सूची के सुधार काम के दौरान मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए प्रशासन के पास बड़े पैमाने पर फर्जी आवेदन जमा किए गए थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह एक सुनियोजित कोशिश थी, जिसमें खास तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में करीब 9,000 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन आए थे। इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन एक ही वर्ग के लोगों के खिलाफ थे। जब चुनाव अधिकारियों ने इन आवेदनों की बारीकी से जांच की, तो पता चला कि ज्यादातर शिकायतें पूरी तरह झूठी और गुमराह करने वाली थीं। शिकायतकर्ता ने ही खोल दी पोल इस मामले में तब नया मोड़ आया जब मुख्य शिकायतकर्ता बताए जा रहे अजयगढ़ निवासी मैयादिन कोदर ने खुद को इससे अलग कर लिया। मैयादिन ने कलेक्टर को शपथ पत्र देकर साफ कहा कि उन्होंने किसी का नाम हटाने के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर ये फर्जी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। अफजल खान और निशार मोहम्मद जैसे कई पीड़ितों ने बताया कि वे सालों से यहां रह रहे हैं और सरकारी सेवाओं में रहने के बावजूद उनका नाम कटवाने की साजिश रची गई।
फर्जी शिकायत करने वालों पर होगी कार्रवाई जिला उप निर्वाचन अधिकारी एम.आर. धुर्वे ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में 90 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन फर्जी पाए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देकर फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


