UGC एक्ट का देशभर में विरोध हो रहा है। जिसका असर अब सवाई माधोपुर में भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में आज सवर्ण एकता मंच सवाई माधोपुर की ओर से भारत सरकार की ओर लाए गये UGC एक्ट को वापस लेने और केन्द्र में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के सरलीकरण एवं आगामी पंचायत एवं निकाय चुनाव में EWS को लागू किए जाने की मांग की गई। इसे लेकर सवर्ण एकता मंच की ओर से बजरिया स्थित गौतम आश्रम में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने किया बिल का विरोध प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह भाया ने बताया कि दुख है कि वह जन्मजात भाजपा का सिपाही रहा हूं। उनकी 65 साल उम्र हो गई है। भाजपा के वटवृक्ष को सिंचने में कोई कसर नहीं रखी है। केंद्र में जो हमारी सरकार है वो सवर्ण समाज के बच्चों के लिए भस्मासुर का रोल अदा कर रही है। इस कानून से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय है। इसलिए हम इसका विरोध करते हैं।पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भाया ने कहा वह भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे, पूर्व प्रदेश का कार्यकारिणी का सदस्य और किसान मोर्चा का प्रदेश महामंत्री रहा हूं। अगर भाजपा की बिल को वापस नहीं लेती है तो उन्हें मजबूरन भाजपा से संबंध तोड़ना पड़ेगा और भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जब तक यह बिल वापस नहीं लिया जाता, तब इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस UGC एक्ट के द्वारा सामान्य वर्ग के युवाओं को आगामी भविष्य में होने वाले नुकसान एवं मानसिक प्रताडना का सामना करना पडेगा। इस एक्ट के कारण सामान्य वर्ग के युवाओं को बिना किसी जांच एवं बिना किसी जानकारी के शिक्षा से वंचित किया जा सकता है, जिससे युवा का कैरियर बर्बाद हो जायेगा। UGC एक्ट के कारण युवाओं में सुरक्षा का अभाव, पूर्वाग्रह की आशंका, शिकायत तंत्र का दुरूपयोग, झूठे आरोप, प्रमाण का बोझ, योग्यता बनाम आरक्षण, कट ऑफ में भारी अंतर भी इस एक्ट के कारण देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से सवर्ण एकता मंच इस एक्ट को वापस लेने की मांग करता है। वहीं श्री करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप सिंह खिजूरी ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा EWS सर्टिफिकेट का सरलीकरण पूरे देश में राजस्थान की तर्ज पर किया जाए। जिससे सामान्य वर्ग का युवा ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सके और पंचायती एवं निकाय चुनाव में EWS को लागू किया जाए।


